रिश्वत लेने के आरोप में साहिबाबाद और गाजियाबाद के 22 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। इनके खिलाफ एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
इनमें चार नागरिक पुलिस और 18 यातयात पुलिस से हैं। एसएसपी ने शिकायत के आधार पर सभी पुलिसकर्मियों की जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में इन्हें दोषी पाया गया।
एसएसपी को शिकायत मिली थी कि पुलिस चौकी शहीद नगर पर एक व्यक्ति पत्नी और बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने गया, जिसके एवज में पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत मांगी गई।
इसके साथ ही यातायात पुलिसकर्मियो द्वारा बिना परमिट की बसों, ऑटो रिक्शा, टेंपों, कारों और अन्य गाडियों से रिश्वत लेने की शिकायत मिली थी। रिश्वत नहीं देने पर गाड़ी सीज करने के साथ ही कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगवाने की धमकी देकर उगाही की जा रही थी।
शिकायत मिलने एसएसपी ने एसपी अपराध राम अभिलास त्रिपाठी को जांच सौंपी थी। जांच में पुलिस कर्मियों के दोषी पाए जाने पर थाना कविनगर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।
इनमें नागरिक पुलिस से एक उपनिरीक्षक, तीन आरक्षी और यातायात पुलिस से 11 एचसीपी, पांच आरक्षी और दो होमगार्ड हैं।
नागरिक पुलिस
उपनिरीक्षक संजीव कुमार विश्नोई, आरक्षी ओवेंद्र, आशीष बालियान, जितेंद्र।
यातायात पुलिस
एचसीपी मनमोहन पाठक, हरेंद्र, अशोक, राजेंद्र सिंह, विनोद, सफी अहमद, कामेश, जयबीर सिंह, विनोद, मनोज कुमार, अमीर अहमद, आरक्षी जगबीर सिंह, सीताराम, लोकेश, गोपाल, अनिल कुमार, होमगार्ड सुजीत और विरेंद्र।