शुक्रवार आधी रात से टोल कलेक्शन शुरू होने के साथ ही बदरपुर फ्लाईओवर पर टोल प्लाजा पर वाहनों की रफ्तार को ब्रेक लगना शुरू हो गया। हालांकि, टोल को लेकर टेंशन बढने की जो संभावना जताई जा रही थी, वैसा कुछ नहीं हुआ।
बदरपुर टोल के साथ एमसीडी के टोल ने थोड़ी परेशानी जरूर खड़ी की लेकिन इसके बाद भी हालात दिनभर सामान्य बने रहे। कोई पेटीएम, कोई फ्री चार्ज, तो कोई स्वाइप मशीन के जरिए टोल चुकाकर कैशलेस सफर करता दिखा।
महीनेभर से नोटबंदी की मार झेल रहे वाहन चालकों को जागरूकता इस कदर देखी गई कि नकद भुगतान करने वाले अधिकांश लोग टोल प्लाजा पर छुट्टे पैसे देते नजर आए। टोल फ्री की समयसीमा खत्म होने के बाद टोल कंपनी ही नहीं बल्कि एनएचएआई के अधिकारियों ने पल-पल के हालात पर नजर बनाए रखी। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी होती रही। 200 रुपये से ज्यादा टोल के भुगतान पर 500 रुपये का पुराना नोट लिया जा रहा था।
किसी ने किया विरोध तो किसी ने समर्थन
दोपहर 2 बजे एक वाहन चालक एमसीडी के टोल को लेकर भिड़ता नजर आया। इसके चलते एमसीडी लेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वाहन चालक नसीब ने बताया कि मेरे पास एमसीडी का टोल पास है, जो 5 दिसंबर तक वैध है।
इसके लिए तीन हजार रुपये पहले ही जमा हो चुके हैं। इसके बाद भी टोल मांगा जा रहा है। टोल कर्मियों ने वाहन को साइड में लगवा ट्रैफिक को सुचारू कराया। वाहन चालक अनिरूद्ध ने बताया कि दिसंबर माह में स्थिति पूरी तरह से सामान्य होने की उम्मीद है। थोड़े दिन की बात है, डिजिटल भुगतान करने से कई फायदे होंगे। जनता को सब्र के साथ काम लेने की जरूरत है।
22 प्रतिशत ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को दी तरजीह
कैश लेस भुगतान
- फोटो : अमर उजाला
22 प्रतिशत ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को दी तरजीह
शुक्रवार आधी रात से टोल वसूली शुरू कर दी गई थी। टोल कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 8:30 बजे तक तकरीबन सात हजार वाहनों से टोल वसूला गया, जिसमें 22 प्रतिशत लोगों ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को तरजीह दी। टोल कंपनी की तरफ से प्रत्येक टोल बूथ पर पेटीएम, फ्री चार्ज और स्वाइप मशीन की व्यवस्था की गई थी। टोल कंपनी के मुताबिक सबसे खास बात यह थी कि 70 फीसदी लोगों ने टोल का भुगतान करने के लिए छुट्टे पैसे दिए। जिसके चलते दिनभर हालात सामान्य बने रहे।
स्काइप के जरिए रहषी सीधी निगरानी
शुक्रवार रात 12 बजे टोल शुरू होने के बाद टोल कंपनी के नुमाइंदे ही नहीं बल्कि एनएचएआई और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी भी अलर्ट नजर आए। दफ्तरों में बैठे मंत्रालय के बड़े अधिकारी वीडियो कॉलिंग स्काइप के जरिए टोल प्लाजाओं का हाल जान रहे थे। जबकि कई अधिकारी टोल नाको का जायजा लेने खुद पहुंचे थे। दिल्ली बॉर्डर पर बदरपुर फ्लाईओवर का टोल होने की वजह से यहां विशेष चौकसी बरती गई।
नहीं बिका एक भी फास्टटैग
टोल प्लाजा पर बेरोकटोक सफर के लिए एनएचएआई ने विभिन्न बैंकों से करार कर फास्टटैग की सुविधा उपलब्ध कराई है। फिलहाल, फास्टटैग खरीदने के लिए 150 रुपये इंस्टोलेशन फीस भी माफ है। सभी टोल प्लाजाओं पर फास्टटैग मुहैया कराए जा चुके हैं। बदरपुर टोल पर अब तक एक भी फास्टटैग नहीं बिका है।
फिलहाल हालात पूरी तरह सामान्य बने हुए हैं। फुटकर को लेकर जिस तरह की समस्या आने की अटकलें लगाई जा रही थीं। ऐसा अब तक कुछ नहीं हुआ है। लोगों में जागरूकता देखने को मिल रही है।-विजय कौशिक, टोल मैनेजर, बदरपुर बॉर्डर