साकेत कोर्ट ने दृष्टिबाधित युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने पीड़िता के आठ वर्षीय भाई की गवाही को अहम मानते हुए फैसला सुनाया है। शनिवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुधांशु कौशिक ने कहा कि इस घटना से पीड़ित परिवार पर जो प्रभाव पड़ा, वह अकल्पनीय है।
पीड़िता के आठ वर्षीय भाई की गवाही पर बचाव पक्ष की ओर से उठाए गए सवाल पर न्यायाधीश ने कहा कि बच्चे ने एक ईमानदार और सच्ची गवाही दी, जिस कारण उसके बयान पर संदेह नहीं किया जा सकता। लिहाजा दोषी सलीम उर्फ संजय को 20 साल कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई जाती है।
दोषी ने वर्ष 2013 में युवती और उसके भाई को कार में लिफ्ट देने देकर उनके घर पहुंचाने का झांसा दिया था। दोनों के कार में बैठने के बाद दोषी ने युवती से मारपीट के बाद दुष्कर्म किया और चुप रहने की धमकी देकर हुमायूं के मकबरे में पास छोड़ दिया था।