1984 सुल्तानपुरी सिख दंगा मामले में आरोपी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार की सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस वीडियो कांफ्रेंसिंग से उनकी पेशी करवाना चाहती है। अदालत के आदेश पर सज्जन कुमार को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई की गवाह चाम कौर ने एक बार फिर अपने बयान में कहा कि दंगों में सज्जन कुमार भीड़ को भड़का रहे थे। दिल्ली छावनी सिख दंगा मामले में हाईकोर्ट से सजा मिलने के बाद सज्जन कुमार 31 दिसंबर, 2018 से जेल में हैं।
पटियाला हाउस अदालत की जिला न्यायाधीश पूनम ए. बांबा के समक्ष बृहस्पतिवार को सीबीआई की गवाह चाम कौर का बयान पूरा हो गया। उसने अपने बयान में एक फिर कहा कि सज्जन कुमार दंगों में भीड़ को भड़का रहे थे। अब मामले की सुनवाई 28 मार्च को होगी।
कोर्ट के समक्ष दिल्ली पुलिस ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर सज्जन कुमार की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से करवाई जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल शर्मा ने कहा कि उनके मुवक्किल को कोर्ट में ही पेश किया जाए, क्योंकि इससे वकील व मुवक्किल की मुलाकात हो जाती है। कोर्ट में मौजूद सज्जन कुमार ने कहा कि वह कोर्ट में पेश होना चाहते हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अनिल शर्मा ने कहा कि सीबीआई के गवाहों के साथ दर्जनों लोग आते हैं और इससे व्यवस्था खराब होती है। इन लोगों के आने पर नियंत्रण किया जाए। सीबीआई का कहना था कि इन लोगों के आने पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
इस मामले में सज्जन कुमार, ब्रह्मानंद गुप्ता व वेद प्रकाश पर मुकदमा चल रहा है। अदालत के समक्ष चाम कौर ने अपने बयान में 16 नवंबर, 2018 को कहा था कि सज्जन कुमार भीड़ को भड़का रहे थे। इस दंगों में भीड़ ने उसके ससुर बसंत सिंह, पति बलिहार सिंह व देवर बलबीर सिंह की हत्या कर दी थी।