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18 साल में 8 किमी ही बन पाई एफएनजी

Fri, 01 Apr 2016 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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एनसीआर की सबसे विलंब परियोजनाओं की फेहरिस्त में एफएनजी (फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद) हाईवे का नाम सबसे ऊपर है। तीन शहरों और दो राज्यों को जोड़ने के लिए 18 साल पहले बनाई गई योजना आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई है।
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एनएच-24 गाजियाबाद से नोएडा होकर फरीदाबाद तक करीब 28 किलोमीटर लंबा हाईवे प्रस्तावित है। इसका 19.9 किलोमीटर हिस्सा नोएडा की सरहद में आता है, जिसका महज 40 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक कई सरकारें बदल गईं, लेकिन एफएनजी का अधूरा सफर आज तक पूरा नहीं हो पाया।

नोएडा प्राधिकरण को इसका निर्माण करना है। एक ही एजेंसी पर जिम्मा होने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है। यमुना पर ब्रिज बनाकर हरियाणा के फरीदाबाद को इस हाईवे से कनेक्ट करने की योजना है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के अधिकारियों को इस योजना के बारे में पता ही नहीं है। दो राज्यों के बीच तालमेल न होना भी इस योजना की बड़ी अड़चन बन गया है।
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रुका पड़ा है प्रोजेक्ट का काम
पहले जमीन की अड़चन के कारण एफएनजी प्रोजेक्ट में देरी हो रही थी लेकिन अब नया पेच फंस गया है। दरअसल, एक साल पहले केंद्र सरकार ने एफएनजी को नेशनल हाईवे का दर्जा देने की इच्छा जताई थी। नोएडा प्राधिकरण के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजी जा चुकी है। एफएनजी नेशनल हाईवे बनेगा या नहीं, अभी तय नहीं हो पाया है। लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट को करीब पांच से छह किलोमीटर पूरा करके काम रोक दिया है। बताया जाता है कि अगर एफएनजी को नेशनल हाईवे का दर्जा मिला तो अधूरे प्रोजेक्ट का काम एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को पूरा करना होगा।

...तो बिल्डरों ने जमकर उठाया फायदा
करीब दो दशक पहले फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद की दूरी कम करने के लिए एफएनजी हाईवे की योजना बनी थी लेकिन ईस्टर्न पेरीफेरल योजना को ध्यान में रखते हुए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने एफएनजी प्रोजेक्ट की कोई जरूरत नहीं समझी और योजना को रद्द कर दिया। इसके बाद भी नोएडा की सरहद में एफएनजी के नाम से प्रोजेक्ट पर काम चलता रहा। सूत्रों की मानें तो नोएडा और ग्रेटर फरीदाबाद की बिल्डर लॉबी ने एफएनजी के नाम से निवेशकों को महंगे दाम पर फ्लैट बेच जमकर फायदा उठाया। आज तक एफएनजी तो बना नहीं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर फरीदाबाद के अधिकांश निवेशकों के आशियाने का सपना भी पूरा नहीं हो पाया।

एनसीआर का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट
एफएनजी को अगर नेशनल हाईवे बनाया जाता है तो यह एनसीआर का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट होगा। इससे न केवल फरीदाबाद से नोएडा और गाजियाबाद सीधे जुड़ेगा, बल्कि फरीदाबाद से सोहना रोड तक सड़क का विस्तार कर इसे गुड़गांव तक हाईवे का रूप देने की योजना भी बनी थी। हालांकि, फिलहाल इस प्रोजेक्ट पर हरियाणा सरकार गंभीर नहीं है और उत्तर प्रदेश सरकार अपने हिस्से में ही काम को रफ्तार नहीं दे पा रही है। यह प्रोजेक्ट पूरा होता है तो एनएच-2, दिल्ली और नोएडा की सड़कों से ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

प्रोजेक्ट की अड़चनें-
1- यमुना पर पुल में भी देरी
एफएनजी मार्ग को फरीदाबाद से जोड़ने के लिए सेक्टर-168 के पास यमुना पर पुल बनाया जाना है। नोएडा प्राधिकरण इसके लिए हाईड्रोलिक स्टडी का दावा कर रहा है, जबकि हुडा को इसकी जानकारी ही नहीं है।

2-एनएच-24 ट्रैफिक रोटरी
नोएडा से गाजियाबाद को जोड़ने के लिए हाईवे पर छिजारसी कट के पास करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैफिक रोटरी बनाया जाना है। यह प्रोजेक्ट एनएचएआई के पाले में जाकर फंस गया है।

3-एफएनजी एलिवेटेड रोड
एफएनजी मार्ग का बड़ा हिस्सा हिंडन किनारे से गुजरेगा। ऐसे में रिवर फ्रंट एरिया को बचाने के लिए नोएडा सेक्टर-112 से सेक्टर-140 तक करीब 6.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड का रास्ता साफ नहीं हुआ है।

4:-एक्सप्रेसवे ट्रैफिक रोटरी
एफएनजी को फरीदाबाद से जोड़ने के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक रोटरी बनाने की योजना है। इसे एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाना है लेकिन इसका प्रस्ताव भी फाइलों में धूल फांक रहा है।

एफएनजी का रास्ता
एफएनजी हाईवे गाजियाबाद के एनएच-24 को नोएडा के छिजारसी, बहलोलपुर, सोरखा, सेक्टर 112, 140, एक्सप्रेसवे, सेक्टर-168 होकर फरीदाबाद के गांव लालपुर में आकर निकलेगा। एफएनजी प्रोजेक्ट की मुझे कोई जानकारी नहीं है। फरीदाबाद से नोएडा की कनेक्टिविटी की योजना जरूर है, लेकिन स्तर पर इस योजना को शुरू करने की कोई तैयारी फिलहाल नहीं है।-अमरीक सिंह, डीटीपी, फरीदाबाद क्या कहते हैं लोग एफएनजी के नाम पर नोएडा और ग्रेटर फरीदाबाद में रियल एस्टेट कारोबारियों ने मोटी कमाई की है लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। इस प्रोजेक्ट को लेकर आश्वासन के अलावा आज तक कुछ नहीं मिला। -अजय यादव, उपाध्यक्ष, ग्रेटर फरीदाबाद रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन एफएनजी बन जाए तो इससे आम जनता को काफी सहूलियत मिल जाएगी। गाजियाबाद, नोएडा या हापुड़-बुलंदशहर जाने के लिए दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी। खासकर भारी वाहनों का दबाव दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा से कम होगा।- सुभाष कौशिक, महासचिव, ऑल फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एफएनजी प्रोजेक्ट एनसीआर की बड़ी जरूरत है। ददसिया गांव के नजदीक से ही दोनों शहरों की कनेक्टिविटी होनी है। इसलिए गांव की पंचायत के माध्यम से इस मामले को नोएडा प्राधिकरण और हुडा के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा।- श्याम सुंदर शर्मा, समाजसेवी (ददसिया) एवं उद्यमी
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