जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सिकंदर सिंह ने बताया कि अभियान के तहत पुलिस टीम ने इन दिनों अशोक विहार स्थित 100 झुग्गियों और 150 गलियों की गहन जांच की। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की गई। पहले तो उसने खुद को पश्चिम बंगाल का नागरिक बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बांग्लादेशी नागरिक होने की बात कबूल ली। उसके निशानदेही पर पुलिस ने उसके परिवार के कुल 13 सदस्यों को पकड़ लिया। इसमें 10 वयस्क और 3 बच्चे शामिल थे। यह बिना किसी दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे।
वहीं, पुलिस ने इसी इलाके से ट्रांसजेंडरों के भेष में ट्रैफिक सिग्नल पर पैसे मांगने वाले वाले पांच बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। सभी महिलाओं जैसे दिखने के लिए भारी मेकअप, साड़ी, सलवार सूट, नकली बाल, चूड़ियां, बिंदी लगाकर रखते थे।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि पहचान छुपाने के लिए हार्मोनल उपचार व छोटी सर्जरी भी करवाई थी। कुछ ने अपनी आवाज और हावभाव में भी परिवर्तन किया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए सभी ढाका बांग्लादेश के रहने वाले हैं। पुलिस ने सभी को निर्वासन के लिए विदेशी पंजीकरण कार्यालय में पेश किया। जहां से इन्हें हिरासत केंद्र में भेज दिया गया है।