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Delhi: 16 हस्तशिल्प कारीगर स्टेट हैंडक्राफ्ट अवॉर्ड से सम्मानित, दिल्ली सचिवालय में हुआ सम्मान समारोह का आयोजन

Fri, 22 Jul 2022 12:16 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सचिवालय में हस्तशिल्प सम्मान समारोह में 16 हस्तशिल्प कारीगरों को स्टेट हैंडक्राफ्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। 
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हस्तशिल्प कारीगरों को सम्मानित करते उपमुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उद्योग विभाग द्वारा बृहस्पतिवार को दिल्ली सचिवालय में हस्तशिल्प सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हस्तशिल्प के क्षेत्र में प्रदर्शन करने वाले 16 शिल्पकारों को वर्ष 2018 व 2019 के राज्य हस्तशिल्प सम्मान से सम्मानित किया। साथ ही इन कलाकारों की कला को दिखाने के लिए एक प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हस्तकला भारत की बहुमूल्य सांस्कृतिक धरोहर का एक प्रतीक है। इस उद्योग का हमारे देश की अर्थव्यवस्था में विशेष रूप से रोजगार उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे कलाकारों के अथक प्रयास एवं मेहनत की बदौलत देश में हस्तकला का निर्यात बढ़ा है, जिससे अर्थव्यवस्था में योगदान मिला है।  उन्होंने कहा कि दिल्ली देश के हस्तशिल्प केंद्रों में प्रमुख स्थान पर रहा है। यहां के मीनाकारी, जरी-जरदोजी, धातु पर नक्काशी, काष्ठ कला, लघु चित्र, मधुबनी चित्रकारी, खिलौने, गुड़िया बनाना और कालीन बुनाई आदि जैसे हस्तशिल्प की विश्वभर में सराहना की जाती है।

सिसोदिया ने कहा कि दुनिया भर में विभिन्न संग्रहालय हैं, जिनमें भारत के सैकड़ों हस्तशिल्प प्रदर्शित हैं। जापान में मिथिला संग्रहालय है, जो बिहार की लोक कला मधुबनी पेंटिंग को समर्पित है। संग्रहालय में ऐसी 800 से अधिक पेंटिंग हैं। इसी तरह ब्रिटिश कला संग्रहालय में दक्षिण भारत के एक हजार से अधिक लोक चित्र हैं। भारत के पास इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं।  
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सिसोदिया ने कहा कि हस्तशिल्प क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र को प्रौद्योगिकी से जोड़ने की जरूरत है। कारीगरों को टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहिए और पूरी दुनिया में अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करनी चाहिए। सरकार उन्हें अपना व्यवसाय ऑनलाइन करने में मदद करने के लिए सभी सहायता प्रदान करेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत में प्रत्यक्ष रूप से 70 लाख व  परोक्ष रूप से दो करोड़ लोग हस्तशिल्प उद्योग में शामिल है। यह कृषि के बाद ऐसा बड़ा क्षेत्र है, जिसमें इतनी संख्या में लोग शामिल है। इसके बाद भी कुल निर्यात में इस क्षेत्र का योगदान केवल 1.5 फीसदी ही है। इसलिए इस उद्योग को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ते हुए हमें वैश्विक प्लेटफॉर्म पर लेकर जाना है और इसे कुल निर्यात के 10 फीसदी तक पहुंचाना है। 

बता दें कि राज्य पुरस्कार में दो प्रकार के पुरस्कार शामिल हैं।  पहला पुरस्कार राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार है, जिसके विजेताओं को 30 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है। वहीं, दूसरा पुरस्कार राज्य हस्तशिल्प एक्सीलेंस अवार्ड है, जिसके विजेताओं को 20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। 
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