सिसोदिया ने कहा कि हस्तशिल्प क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र को प्रौद्योगिकी से जोड़ने की जरूरत है। कारीगरों को टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहिए और पूरी दुनिया में अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करनी चाहिए। सरकार उन्हें अपना व्यवसाय ऑनलाइन करने में मदद करने के लिए सभी सहायता प्रदान करेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत में प्रत्यक्ष रूप से 70 लाख व परोक्ष रूप से दो करोड़ लोग हस्तशिल्प उद्योग में शामिल है। यह कृषि के बाद ऐसा बड़ा क्षेत्र है, जिसमें इतनी संख्या में लोग शामिल है। इसके बाद भी कुल निर्यात में इस क्षेत्र का योगदान केवल 1.5 फीसदी ही है। इसलिए इस उद्योग को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ते हुए हमें वैश्विक प्लेटफॉर्म पर लेकर जाना है और इसे कुल निर्यात के 10 फीसदी तक पहुंचाना है।
बता दें कि राज्य पुरस्कार में दो प्रकार के पुरस्कार शामिल हैं। पहला पुरस्कार राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार है, जिसके विजेताओं को 30 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है। वहीं, दूसरा पुरस्कार राज्य हस्तशिल्प एक्सीलेंस अवार्ड है, जिसके विजेताओं को 20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है।