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Delhi NCR News: गायनी ओपीडी में 15 से 20 प्रतिशत तक मरीज ब्लीडिंग और दर्द से परेशान

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-गायनी ओपीडी में बढ़े गर्भाशय से जुड़े मरीज, ब्लीडिंग और दर्द की शिकायतें आम
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-लंबे समय तक पीरियड्स, बीच-बीच में रक्तस्राव और सूजन के मामलों में इजाफा, डॉक्टरों ने समय पर जांच की दी सलाह

-बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान बन रही वजह
संवाद न्यूज एजेंसी






नई दिल्ली। बच्चेदानी में हल्का दर्द पीरियड्स से जुड़ा एक आम लक्षण हो सकता है। जिसके कारण पेट और पैर में ऐंठन महसूस किया जाता है। कई बार दर्द को कम करने के लिए हीटिंग पैड का भी इस्तेमाल होता है। पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल के गायनी ओपीडी में गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में महिलाएं पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द, असामान्य ब्लीडिंग और सूजन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक पीरियड्स चलना, पीरियड्स के बीच-बीच में ब्लीडिंग होना और अचानक भारी रक्तस्राव अब आम शिकायत बनती जा रही है।





हर उम्र की महिलाएं हो रहीं प्रभावित



गायनी ओपीडी में आने वाले मामलों में किशोरियों से लेकर 40-50 वर्ष की महिलाओं तक शामिल हैं। गायनी ओपीडी में आने वाले मरीजों में 15 से 20 प्रतिशत मरीज इस तरह की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। कई मरीजों में महीनों तक अनियमित पीरियड्स रहने के बाद समस्या गंभीर रूप ले रही है। कुछ महिलाओं में कमजोरी, चक्कर आना और खून की कमी जैसी परेशानियां भी सामने आ रही हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
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गर्भाशय से जुड़ी कई बीमारियां आ रहीं सामने

पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल की सीनियर गाइनकोलॉजिस्ट डॉ दिव्या रश्मि ने बताया कि ओपीडी में गर्भाशय संबंधित फाइब्रॉयड, एडेनोमायोसिस, हार्मोनल असंतुलन और इंफेक्शन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई मरीज ऐसी भी हैं जो शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करती रहीं, जिससे बाद में ज्यादा ब्लीडिंग और दर्द की समस्या बढ़ गई। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, बढ़ता तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी इन समस्याओं को बढ़ा रही है। देर से जांच कराने और घरेलू उपचार पर निर्भर रहने से कई बार स्थिति और गंभीर हो जाती है और गर्भाशय निकालने तक स्थिति हो रही है।
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समय पर जांच बेहद जरूरी

डॉक्टरों ने कहा कि लंबे समय तक पीरियड्स चलना, बार-बार ब्लीडिंग होना या असहनीय दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर अल्ट्रासाउंड, खून की जांच और जरूरी उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।गाइनकोलॉजिस्ट ने महिलाओं को सलाह दी है कि किसी भी तरह की असामान्य ब्लीडिंग, अचानक सूजन या लगातार दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और तनाव से दूरी बनाकर यूट्रस से जुड़ी कई समस्याओं से बचाव संभव है।
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