जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में बुधवार को बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की घोषणा के बाद जिन 13 छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया था उन्हें अभी तक नहीं छोड़ा है। इसे लेकर गुरुवार सुबह तक पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया था।
गौरतलब है कि बीबीसी ने गोधरा दंगों पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है जिसे भारत सरकार ने तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने इस डॉक्यूमेंट्री को 'प्रोपगंडा पीस' करार देते हुए कहा है कि यह ब्रिटेन की कॉलोनियल मानसिकता दर्शाती है।
डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग से घंटों पहले स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के चार सदस्यों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया गया क्योंकि वे विश्वविद्यालय के गेट के बाहर इकट्ठा हुए थे।
एसएफआई ने दावा किया कि पुलिस ने हिरासत में लिए गए अधिकांश छात्रों को बुधवार शाम को रिहा कर दिया, जबकि 13 अभी भी हिरासत में हैं।