पिछले करीब एक साल से वेक्टर बॉर्न डिजीज से संबंधित साप्ताहिक रिपोर्ट एमसीडी की ओर से सार्वजनिक नहीं हो रही, जबकि इससे पहले डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया से संबंधित रिपोर्ट हर हफ्ते सार्वजनिक रूप से जारी होती थी। इससे पता चलता था कि इस साल डेंगू के कुल कितने मामले आए।
हर हफ्ते के लिहाज से कितने केस बढ़े, निगम ने कितने घरों में मच्छरों के लार्वा का पता लगाया, कितनी जगहों पर फॉगिंग या फिर कीटनाशक दवाई का छिड़काव किया गया। लापरवाही बरतने वाले कितने लोगों पर कार्रवाई हुई। एमसीडी के नेता विपक्ष ने इस हफ्ते की रिपोर्ट से खुलासा किया है। पता चला है कि डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और एमसीडी की ओर से मौजूदा समय मच्छरों की रोकथाम के लिए पर्याप्त उपाय भी नहीं किए जा रहे।
रोकथाम के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि आप सरकार ने दिल्ली नगर निगम की मलेरिया निरोधक कमेटी का भी गठन रोक रखा है। यह कमेटी होती तो इससे न केवल अफसरों की जवाबदेही तय होती, बल्कि लोगों को मच्छरों के प्रकोप से भी बचाया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्ष की तुलना में नालों की सफाई केवल कागजों पर हो रही है।
इस वजह से मच्छर ज्यादा पैदा हो रहे। नालों की सफाई दिल्ली सरकार और नगर निगम को करनी है। राजा इकबाल सिंह ने निगम की आप सरकार से मांग की है कि दिल्ली में डेंगू का कहर बढ़े और मच्छर जनित बीमारियां काबू से बाहर हो जाएं, इससे पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस पर गंभीरता से काम शुरू करना चाहिए।