शाहबेरी में पुलिस ने शनिवार की शाम को तीन बिल्डिंगें खाली कराई थीं ताकि असुरक्षित घोषित की गई जेपी हाइट्स बिल्डिंग के गिरने पर किसी तरह के जान माल का नुकसान नहीं हो सके। हालांकि रविवार को लोग फिर से अपने फ्लैट में पहुंच गए। हालांकि, कुछ परिवार दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं।
प्राधिकरण ने शनिवार को शाहबेरी गांव में जेपी हाइट्स बिल्डिंग को खाली कराने के बाद सील कर दी थी। शाम को बिसरख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास की तीन बिल्डिंग को खाली करा दिया। इनमें जीके होम्स वन, सिद्धार्थ अपार्टमेंट व एक निजी मकान था। आशंका थी कि बारिश के कारण जेपी हाइट्स बिल्डिंग गिर सकती है। पुलिस ने सामान की सुरक्षा करने का भी भरोसा दिया था, लेकिन इसका असर नहीं हुआ।
रविवार को आसपास की बिल्डिंग में लोग फिर से पहुंच गए। जीके होम्स वन में चार परिवार रह रहे थे। वहीं सिद्धार्थ अपार्टमेंट और एक अन्य बिल्डिंग में भी खरीदार रहने पहुंच गए। एक महिला का कहना है कि वह अपना मकान छोड़कर नहीं जाएगी। दूसरी जगह जाने पर किराया पहले देना होगा। अगर मरना यहीं लिखा है तो यहीं सही। मकान छोड़कर जाने से रोजमर्रा की लाइफ अव्यवस्थित हो जाएगी।
वहीं काफी लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। जेपी हाइट्स बिल्डिंग से निकाले गए वीरेंद्र का कहना है कि रात को उनका परिवार गाजियाबाद चला गया है। वहां एक रिश्तेदार रहते है। फिलहाल उनके यहां शरण ली है। मोहम्मद रफी व मोहम्मद सोहेल का कहना है कि वे किराये पर रहते हैं। हादसे के बाद यहां रहने का मन नहीं है। अब नोएडा शिफ्ट होंगे। वहां किराया थोड़ा ज्यादा है, लेकिन जान से प्यारा कुछ नहीं।
अपना मकान छोड़कर नहीं जाऊंगी। चाहे कुछ भी हो जाए। दूसरी जगह जाने के लिये पैसे नहीं है। बच्चे स्कूल जाते है, अगर कहीं ओर जाएंगे तो उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होगी।
- रूखसाना, स्थानीय निवासी