मध्य दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड इलाके में पुलिस की वर्दी पहने ठगों के आभूषणों का काम करने वाले एक कारीगर से 12.50 लाख के जेवर ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को एक हत्या होने के बाद चेकिंग होने की बात कर रोका। बाद में उसके बैग से जेवर निकालकर चलते बने। कुछ देर बाद पीड़ित को जब इसका पता चला तो उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। शुरूआती जांच के बाद पुलिस पीड़ित के बयानों पर संदेह जताकर उससे भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित अभिजीत अपने दोस्तों के साथ करोलबाग के रेगरपुरा इलाके में रहता है और उसका ज्वैलरी बनाने का काम है। वह बड़े ज्वैलर्स से सोना लाकर आर्डर पर उनके जेवर तैयार करता है। चार दिन पहले अभिजीत चांदनी चौक के दो ज्वेलर्स से करीब 400 ग्राम सोना लेकर आया था।
उसे सोमवार को आभूषण तैयार कर देने थे। सोमवार दोपहर वह एक ऑटो में चांदनी चौक के लिए निकला। रेगरपुर से रामजस रोड पर जाते समय बाइक सवार तीन युवकों ने अभिजीत का ऑटो रुकवा लिया। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया। दो युवकों ने पुलिस की वर्दी भी पहनी हुई थी।
इस दौरान एक बदमाश ने कहा कि दो दिन पहले इलाके में एक मर्डर हो गया था। उसकी छानबीन की जा रही है। जांच के बहाने आरोपियों ने अभिजीत के बैग की तलाशी शुरू कर दी। कुछ देर देखने के बाद आरोपियों ने उसका बैग लौटाकर जाने का इशारा कर दिया।
अभिजीत ऑटो में कुछ ही दूर गया था कि उसने बैग को देखा तो उसमें से जेवरात गायब थे। मामले की सूचना उसने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से जांच कर रही है।