हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत अन्य राज्य सरकारों की अनदेखी के चलते जेईई एडवांस परीक्षा में 12 हजार छात्रों का दाखिला अटक गया है। क्योंकि राज्य सरकारों ने इन छात्रों को अभी तक ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट जारी नहीं किए हैं, जबकि जेईई एडवांस आवेदन में इन छात्रों को ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट अपलोड करना जरूरी हैं। ऐसे में यदि पांच जून तक आवेदन पत्र में सर्टिफिकेट अपलोड नहीं करते हैं तो वे ईडब्ल्यूएस आरक्षित वर्ग की दौड़ से बाहर हो जाएंगे।
मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 फीसदी आरक्षण 2019 से शुरू किया है, लेकिन कई राज्य सरकारों ने ईडब्ल्यूएस नियम को अभी तक लागू ही नहीं किया है। छात्र जब अपने जिला या तहसील में जाकर ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत सर्टिफिकेट मांग रहे हैं तो उन्हें ऐसा कोई नियम राज्य सरकार द्वारा लागू न होने की जानकारी दी जा रही है।
यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार समेत अन्य राज्यों के 12 हजार छात्रों के ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट अभी तक अपलोड नहीं हुए हैं। छात्र जेईई एडवांस हेल्पलाइन पर मदद की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि तहसील व जिला स्तर पर अधिकारी राज्यों की ओर से ईडब्ल्यूएस नियम लागू न होने की बात कह रहे हैं। यदि छात्र पांच जून तक ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट अपलोड नहीं करते हैं तो दाखिले में आरक्षण नियम की दौड़ से बाहर हो जाएंगे।
- प्रो. एमएल शर्मा, चेयरमैन, आईआईटी रुड़की