पिछले वर्ष की तुलना में इस साल हरियाणा से हज यात्रा पर 124 लोग ज्यादा जाएंगे। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार हज पर जाने वाले यात्रियों का कोटा निर्धारित किया गया है। इस साल यहां से 1011 लोगों को हज पर जाने का मौका मिलेगा।
नया आवेदन करने वाला कोई यात्री इस बार यात्रा पर नहीं जा पाएगा। यह जानकारी हरियाणा हज कमेटी के चेयरमैन मुनीश अहमद अंसारी ने दी है। शनिवार को मेवात के जिला मुख्यालय नूंह में यात्रा के इच्छुक लोगों के आवेदन का ड्रॉ निकाला गया।
इस दौरान अंसारी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में हज यात्रा पर सऊदी अरब जाने के लिए कुल 4058 आवेदन प्राप्त हुए थे।
उन्हाेंने बताया कि हज कमेटी के नियमों के अनुसार जिन लोगों ने हज यात्रा पर जाने के लिए लगातार चार बार आवेदन किया है और नंबर नहीं आया है, 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और जो लोग पिछली बार वेटिंग लिस्ट से वंचित रहे गए थे, उनके आवेदनों को बिना ड्रॉ निकाले मंजूर कर लिया जाता है।
इस बार 70 साल से अधिक लोगों के 443, चार बार आवेदन करने वाले 606 और पिछली बार वेटिंग से रहे गये 98 लोगों सहित कोटे के कुल 1147 अवेदन प्राप्त हुऐ थे, जबकी 2911 नए आवेदन प्राप्त हुए थे।
जबकि प्रदेश से हज पर जाने वालों का कोटा केवल 1011 का है। रिजर्व कोटे के अधिक आवेदन आने की वजह से नए आवेदनों पर विचार नहीं किया गया। ड्रॉ इस श्रेणी के 1147 आवेदनों में से ही निकाला गया है। इनमें से बचे बाकी 136 को वेटिंग में रखा गया है।
136 लोगों के लिए उम्मीद बरकरार
चेयरमैन ने बताया कि पिछले वर्ष उनका कोटा केवल 887 का था लेकिन बाद में 53 हाजी अधिक गए थे। इस बार कोटा भले ही 1011 का है फिर भी कोशिश की जाएगी कि रिजर्व श्रेणी के सभी 1147 को यात्रा का मौका मिलेगा।
15 अप्रैल से पहले जमा कराएं 81 हजार रुपये
जिन यात्रियों का ड्रॉ में नाम आ गया है वे 15 अप्रैल से पहले 81 हजार रुपये की पहली किस्त सेंट्रल हज कमेटी के मुंबई खाते में जमा करा दें। ऐसा न करने पर सूची से नाम काट दिया जाएगा।