फर्जी कंपनियों के नाम पर खुलवाए जाते थे चालू खाते
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने महज 10 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की जांच के दौरान अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय म्यूल बैंक अकाउंट सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक और इंडसइंड बैंक के एक-एक मैनेजर समेत कुल 10 लोगों को पकड़ा गया है। इनमें छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने 248 म्यूल बैंक खातों के जरिए 70 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। जांच में अब तक करीब 20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी सीधे इन खातों से जुड़ी मिली है। पुलिस ने आरोपियों के खातों में मौजूद 56 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। इनके कब्जे से एक लाख रुपये नकद, एक ब्रेजा कार, 248 बैंक अकाउंट किट, 38 सिम कार्ड, 22 मोबाइल फोन, 28 फर्जी कंपनियों की मुहरें तथा 55 डेबिट व क्रेडिट कार्ड बरामद किए गए हैं।
मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पटेल नगर के पंजाबी बस्ती निवासी एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम और फ्रीलांसिंग जॉब का झांसा देकर 10 हजार रुपये ठगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से पांच हजार रुपये ‘डेमियन ट्रेडर्स’ नामक फर्जी कंपनी के एक्सिस बैंक के करंट अकाउंट में जमा हुए थे। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने 8 जुलाई को मोहित सोनी को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
खातों को खुलवाकर साइबर ठगों को बेच दिया जाता
जांच में सामने आया कि गिरोह पहले लोगों के दस्तावेज हासिल करता था। इनके आधार पर शेल कंपनियां बनाकर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग, चेकबुक, डेबिट कार्ड, पासबुक, फर्जी कंपनी की मुहर और रजिस्टर्ड सिम के साथ तैयार अकाउंट किट साइबर ठगों को बेच दी जाती थी।
बैंक मैनेजर कुंदन कुमार पर 75 हजार रुपये लेकर कई खाते खुलवाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक, गुरुग्राम शाखा के मैनेजर कुंदन कुमार पर 75 हजार रुपये लेकर कई खाते खुलवाने का आरोप है। वहीं इंडसइंड बैंक के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर केवाईसी नियमों की अनदेखी कर नकदी और बीमा पॉलिसी के बदले खाते खोलने में मदद करने का आरोप है।
ये पकड़े गए
इस मामले में मास्टरमाइंड दिशांत खन्ना, योगेश कुमार, रंजीत डेमियन एक्का, बैंक मैनेजर कोमाक्षी शर्मा, डिप्टी मैनेजर पायल सेतिया, कर्मचारी सृष्टि, बैंक सहयोगी व इंश्योरेंस एजेंट चिराग भाटिया समेत अन्य को पकड़ा गया है।
यूके और दुबई के अलावा 19 प्रदेशों में फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में पता चला कि यह नेटवर्क यूके और दुबई के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, बिहार, असम, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित 19 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय था। अब तक इस सिंडिकेट से जुड़ी 156 शिकायतें सामने आ चुकी हैं। गिरोह के कई सदस्य अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया है।