अग्निशमन कर्मियों को पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी
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अनाज मंडी इलाके में जिस 200 गज की इमारत में आग लगी उसमें करीब 100 मजदूर काम कर रहे थे। इमारत की हर एक मंजिल पर अवैध तरीके से अलग-अलग फैक्टरी चल रही थी।
काम करने के साथ-साथ मजदूरों का रहना, खाना और सोना भी इन्हीं फैक्ट्रियों में होता था। इस इलाके में यह कोई पहली इमारत नहीं है, जिसमें इस तरह की अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं, बल्कि यहां सैकड़ों इमारतों में अवैध रूप से करीब 800 फैक्ट्रियां चल रही हैं। एक कमरे में चलने वाली इकाइयों में करीब 15 से 20 मजदूर काम करते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस इलाके की सभी इमारतों में हर मंजिल पर स्थित कमरे में फैक्ट्रियां चलती हैं। ज्यादातर में रात में काम होता है। तड़के चार बजे तक काम करने के बाद सभी मजदूर इन्हीं में सो जाते हैं। रात के समय में सभी मजदूरों को इमारत के अंदर जाने के बाद उसे बाहर से बंद कर दिया जाता है। यहां तक कि छत पर जाने के रास्ते को भी बंद कर दिया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन फैक्ट्रियों में नाबालिग कामगारों की संख्या भी कम नहीं है। हालांकि, नाबालिग कामगार खुद को बालिग, यहां तक कि वह खुद को शादीशुदा भी बताते हैं। हाल में ही घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित एक फैक्टरी पर क्षेत्रीय एसडीएम ने छापा मारकर वहां से करीब 70 नाबालिग कामगारों को मुक्त कराया था।