इस बार होलिका दहन पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इस योग में विशेष पूजा अर्चना से लोगों के रुके हुए काम पूरे होते हैं। जीवन के कलह और दोष भी दूर होते हैं।
तिथि, नक्षत्र, योग, कण व संयोग सभी जब शुभ स्थान पर हो तब सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है। ऐसा ही योग बृहस्पतिवार सुबह 6:46 से रात 11:35 तक है।
पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि दिन भर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इस दौरान लोग विशेष पूजा अर्चना से प्रभु का आशीर्वाद ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि दिन में होलिका पूजन का शुभ समय सुबह 10:16 से दोपहर 1:25 तक है। इसके बाद 1:30 से राहु काल लग रहा है।
राहु काल दोपहर 3 बजे तक रहेगा। राहु काल में पूजा करना वर्जित है, ऐसे में महिलाएं दोपहर 1 बजे तक ही करें तो सर्वोच्च रहेगा।
पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को शाम 6:20 पर सूर्यास्त हो रहा है। शास्त्र के मुताबिक होलिका दहन सूर्यास्त होने पर प्रदोष काल में ही करना शुभ रहता है।
ऐसे में शाम 6:20 के बाद लोग होलिका दहन कर सकते हैं। रात 8:44 तक प्रदोष काल है। इस समय तक होलिका दहन शुभ माना जाएगा।