होली मिलन समारोह के नाम पर मंगलवार को नगर निगम में खूब फूहड़ता हुई। फूलों की होली से शुरू हुए समारोह में जब डांस बालाओं के ठुमकों के साथ वीडियो रिकार्डिंग हुई तो मेयर, नगर आयुक्त समेत अन्य अफसर तेजी से खिसक लिए। मामला समझ में आया तो पार्षदों को भी अचानक ‘कोई काम’ याद आ गया।
कार्यक्रम में पहुंची महिला आयोग की सदस्या राजदेवी चौधरी भी पहले तो इधर-उधर देखती रहीं, मगर बाद में वह भी बीच में चली गईं। हालांकि कर्मचारी इन सब से बेखबर बालाओं के साथ जमकर झूमते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सादगी से हुई थी। निगम यूनियन के अध्यक्ष हरेंद्र नागर, महासचिव, संजय शर्मा ने नगर आयुक्त, पार्षदों को चंदन का तिलक और माला पहनाकर शुभकामनाएं दीं।
बाद में बालाओं के यह ठुमके भी खुले आसमान के नीचे निगम के पार्क में लगे। बालाओं को राहगीर भी निगम में पहुंच गए।
मीडिया की मौजूदगी में हो रहे इस समारोह में बैठे अफसर फजीहत से बचने के लिए एक-एक कर मंच से उतरने लगे। किसी को जरूरी काम याद आ गया तो कोई थोड़ी देर में आने की बात कहकर निकल गया।
नगर निगम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। दोपहर एक बजे से शुरू हुआ कार्यक्रम शाम छह बजे तक चला।
मामले मे सपा के पार्षद दल के नेता सत्यपाल यादव ने बताया कि वह थोड़ी देर के लिए होली मिलन समारोह में गए थे। उनके सामने महिलाओं का डांस नहीं हुआ। अगर ऐसा हुआ है तो यह ठीक नहीं।