सहसपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी युसूफ बीते 26 सालों से पशु तस्करी में लिप्त था। उसके खिलाफ 1998 में पहला पशु तस्करी और कटान का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद से लगातार अपराध में लिप्त था। इस बीच उस पर अपहरण के बाद दुष्कर्म करने का भी आरोप लगा।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गत दो मार्च को नंदा की चौकी, प्रेमनगर स्थित पुल के नीचे नदी में अज्ञात व्यक्तियों ने दो संरक्षित पशुओं को काटा था। आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। पता चला कि नावेद अहमद उर्फ भूरा निवासी मुकरपुर, थाना कलियर, हरिद्वार, रईस निवासी आजाद कालोनी, बेहट, सहारनपुर, यूपी, अब्दुल नियाज उर्फ रहमान निवासी मंसूर कालोनी, नकुड, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, सोहबान निवासी मलहीपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश और युसूफ निवासी खेड़ी शिकोहपुर, थाना भगवानपुर, हरिद्वार ने इस घटन को अंजाम दिया है।
गत 22 अगस्त को घटना में शामिल एक आरोपी अब्दुल नियाज उर्फ रहमान नंदा की चौकी स्थित श्मशान घाट के पास से गिरफ्तार किया गया था। अन्य आरोपियों रईस, युसूफ एवं सोहबान के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट हासिल किए गए। गत चार अक्तूबर को सोहबान को जालंधर, पंजाब से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद नावेद अहमद उर्फ भूरा ने उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पा ली। युसुफ लगातार फरार चल रहा था। उसके ऊपर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। इस बीच गत दो नवंबर को वह पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया।