रेपीड टेस्ट न होने पर उप जिला अस्पताल में प्रदर्शन करते युवा।
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विकासनगर। सेना भर्ती में शामिल होने के इच्छुक युवाओं की उप जिला अस्पताल में रैपिड कोरोना जांच न होने उन्होंने अस्पताल परिसर में प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से जांच प्रक्रिया शुरू करने पर युवाओं ने धरना समाप्त किया।
इन दिनों सेना भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसमें शामिल होने के लिए युवाओं को कोरोना रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य है। ऐसे में इन दिनों अस्पताल में रैपिड टेस्ट के लिए युवाओं की भीड़ लग रही है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में युवा रैपिड टेस्ट के लिए अस्पताल में पहुंचे। जहां अस्पताल प्रबंधन ने युवाओं को बताया कि एक दिन के लिए सिर्फ पचास जांच ही की जा सकती है। प्रबंधन ने युवाओं को आरटी-पीसीआर जांच कराने की सलाह दी, जिस पर युवाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
युवाओं ने कहा कि आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आने में समय लगता है तबतक उनकी भर्ती समाप्त हो जाएगी। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने रैपिड टेस्ट करने वाली संस्था से बात कर अन्य युवाओं के भी रैपिड टेस्ट शुरू कर दिए। ह्यूमन राइट्स एंड आरटीआई एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा ने कहा कि पूर्व में भी एसोसिएशन रैपिड टेस्ट की संख्या बढ़ाने की मांग कर चुका है लेकिन, इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रदर्शन करने वालों में पंकज, नीरज, अमन, राहुल, सूरज चौहान, विनय सिंह, नवीन रावत, हर्षित, विजय कैंतुरा आदि शामिल रहे।