शाम के चार बजे हैं। देहरादून के गांधी पार्क के सामने 10 लड़के पांच बाइक से आकर रुकते हैं। अंदर जाकर गोल बनाकर बैठ जाते हैं।
‘पक्का इरादा है, मतदान का वादा है।’
‘राजेश वोटर आई कार्ड बन गया?’ ‘हां।’ उसने पर्स निकाला और वोटर आई कार्ड निकाल कर दिखाया। ‘इस बार वोट जरूर डालना है।’ इसके बाद मोबाइल निकाला-ग्रुप एसएमएस किया-‘पक्का इरादा है, मतदान का वादा है।’
बीटेक और बीकॉम कर रहे ये लड़के पहली बार मतदाता बने हैं। किशोर कौशिक ने बताया कि चुनाव के पहले तक के सारे प्रोग्राम उन्होंने कैंसिल कर दिए हैं। इन युवाओं में बस मतदान की लहर दिखाई दी।
किस दल की विचारधारा को बेहतर समझते हैं? यह पूछने पर वे छूटते बोले-‘जो प्रत्याशी बेहतर लगेगा। अगर नहीं लगा तो नोटा (नन आफ दि अबव) का ऑप्शन है ही’ लेकिन मतदान जरूर करेंगे।
फिर बड़े-बूढ़ों की तरह कहने लगते हैं कि ‘बेहतर समाज के लिए साफ-सुथरे नेता होने जरूरी हैं।’ ये युवा आधा घंटे तक चैनलों पर सुने नेताओं की भाषणों की समीक्षा करते रहे, फिर उठे, बाइक स्टार्ट की और चलते बने।
नेताओं के संबंध में समीक्षा
शाम के पांच बजे हैं। पार्क में ही कुछ दूर पर दो ग्रुप में तीन लड़के और तीन लड़कियां बैठी हैं। नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के संबंध में समीक्षा चल रही है।
यह पूछने पर कि वे किस राजनीतिक दल से प्रभावित हैं? उन्होंने कहा कि वे किसी दल के नहीं हैं, नेताओं के बारें में चर्चा कर रहे हैं। ‘वोट जरूर डालेंगे, किसे देना है, यह बाद में तय कर लेंगे।’
गांधी पार्क के अलावा अन्य स्थानों पर भी नामांकन के आखिरी दिन युवा चुनाव पर चर्चा करते रहे। लोगों का कहना है कि युवाओं में मतदान के संबंध में दिलचस्पी बढ़ रही है।
इस बार वोटर बनने के अभियान में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। इसी वजह से सबसे अधिक संख्या 20 से 29 साल के बीच के मतदाताओं की है। 18 से 19 साल की उम्र के युवा भी बड़ी संख्या में वोटर बने हैं।
जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में युवा वोटरों की स्थिति
18 से 19 साल आयु वर्ग के वोटर
कुल संख्या - 38,653
युवक - 22613
युवतियां - 16040
20 से 29 साल आयु वर्ग के वोटर
कुल संख्या - 3,59,873
युवक - 1,92,867
युवतियां - 1,67006