फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून: युवक ने खुद को मारी गोली, हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती

Mon, 19 Nov 2018 08:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
- फोटो : डेमो
विज्ञापन
परेड मैदान में आयोजित दीपावली महोत्सव मेले में एक युवक ने खुद को गोली मार ली। युवक यहां अपने मामा की दुकान पर काम करता था। जख्मी युवक को लोगों ने दून अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे श्री महंत इंदिरेश अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां अस्पताल में युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। देर रात तक घटना के  कारणों का पता नहीं चल पाया था। 

विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक लक्ष्मण पुत्र राजाराम निवासी गोधनपुर मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) अपने मामा सुरेश की दुकान पर काम करता था। वसंत विहार निवासी सुरेश यहां मेले में मिट्टी के बर्तनों की दुकान लगाते हैं। करीब एक सप्ताह पहले लक्ष्मण दून से चला गया था। वह रविवार दस बजे ही अपने घर से आया था। दोपहर करीब 12.15 बजे लक्ष्मण और सुरेश तेजी से बोलते हुए दुकान से बाहर आए। सुरेश उसे कह रहा था कि ऐसा न करे ऐसा न करे। इसी बीच लक्ष्मण ने तमंचा निकाला और अपनी ठोड़ी से सटाकर गोली चला दी। गोली लगते ही लक्ष्मण वहीं गिर गया। वहां खड़े अन्य युवक तत्काल उसे ऑटो से दून अस्पताल ले गए। 


सूचना मिलने पर मौके पर एसपी सिटी प्रदीप कुमार राय, सीओ डालनवाला जया बलोनी और इंस्पेक्टर राजीव रौथाण पहुंच गए। इंस्पेक्टर ने बताया कि दून अस्पताल से लक्ष्मण को हायर सेंटर रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि लक्ष्मण का इलाज श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। उन्होंने बताया कि लक्ष्मण ने खुद को गोली क्यों मारी, इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मेले में मची अफरातफरी

रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण परेड मैदान में आयोजित मेले में भी खासी भीड़ थी। इसी दौरान तकरीबन सवा बारह बजे मुख्य द्वार के पास धमाके की आवाज सुनाई दी। अगले ही पल देखा तो वहां एक युवक लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ है। घटना के बाद मेले में अफरातफरी मच गई। युवक ने खुद को गोली मारी है, इसका पता चलते ही लोगों में चर्चा तो रही, लेकिन कुछ देर बाद माहौल सामान्य हो गया। 

आखिर क्या हुआ मामा भांजे के बीच 
बताया जा रहा है कि लक्ष्मण दुकान पर करीब 10 बजे पहुंचा था। कुछ देर तक वह अंदर रहा। इसके बाद दोनों मामा भांजे के बीच कहासुनी होने लगी। गार्ड नित्यानंद ने बताया कि दोनों दुकान के भीतर से तेज बोलते हुए निकले थे। इसी बीच लक्ष्मण ने खुद को गोली मार ली। जबकि सुरेश उसे ऐसा करने से रोक रहा था। अब सवाल उठता है कि क्या मामा भांजे के बीच कोई पहला विवाद था या कुछ और? 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें