योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ की थीम के साथ 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। उत्तराखंड की योगा एंबेसडर दिलराज कौर ने बताया कि भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और कनाडा समेत विभिन्न देशों की करीब 150 महिलाएं मां बनने की आकांक्षा के साथ के योगाभ्यास कर रहीं हैं।
मां बनने में कठिनाई का सामना करने वाली महिलाओं के लिए योग कारगर साबित हो रहा है। विभिन्न आसनों का नियमित अभ्यास करने से महिलाओं की प्रजनन शक्ति बढ़ रही है। ऐसा कहना है उत्तराखंड की योगा एंबेसडर दिलराज कौर का।
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उनके पास भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और कनाडा समेत विभिन्न देशों की करीब 150 महिलाएं मां बनने की आकांक्षा के साथ के योगाभ्यास कर रहीं हैं। योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ की थीम के साथ 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए देश भर में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
उत्तराखंड में भी जगह-जगह योग दिवस के आयोजन की तैयारियां चल रही है। योग जीवन में कितना महत्वपूर्ण यह सब जानते हैं, लेकिन इसे हमेशा के लिए आत्मसात करना बेहद मुश्किल है। योगा एंबेसडर दिलराज कौर बताती हैं प्रत्येक वर्ष योग दिवस पर हजारों लोग योग का संकल्प लेते हैं, लेकिन अगले ही दिन इसे भूल जाते हैं।
योग जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह शारीरिक और मानसिक रोग से मुक्ति का एक कारगर साधन है। खास बात यह है कि प्रजनन क्षमता खो चुकीं तमाम महिलाएं योग साधना से मां बनी हैं। उनके पास दुनियाभर से 150 इस तरह की महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं।