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चारधाम यात्रा: यमुनोत्री धाम का मार्ग करेगा परेशान, घाट पर जान का खतरा, घोड़े-खच्चरों के लिए नहीं बना रास्ता

Thu, 16 Apr 2026 02:52 PM IST
Renu Saklani दिनेश रावत, संवाद न्यूज एजेंसी, बड़कोट (उत्तरकाशी)

सार

यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आने वाले लोगों को मार्ग परेशान करेगा। वर्ष 2020 में भंडेलीगाड में भूस्खलन के कारण धाम का पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ था। उस दौरान कई माह तक यात्रा को बंद रखना पड़ा था लेकिन उसकी स्थिति अभी तक ठीक नहीं हो पाई है।

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यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यमुनोत्री धाम के पैदल रूट पर जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक अभी भी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। इस वर्ष भी धाम में आने वाले यात्रियों को यमुना घाटों पर जान जोखिम डालकर में स्नान व पूजा अर्चना करनी पड़ेगी। पैदल रूट पर भंडेलीगाड में घोड़े-खच्चरों की आवाजाही के लिए छह वर्षों से मार्ग नहीं बन पाया है जिससे यात्री खतरे में आवाजाही करेंगे।

बढ़ती यात्रियों की संख्या के अनुरूप अभी तक मार्ग का चौड़ीकरण नहीं हो पाया है। इस वर्ष भी पैदल मार्ग के मरम्मतीकरण और रेलिंग आदि में लीपापोती का कार्य किया गया है। साथ ही पैदल मार्ग के ऊपर दरकती चट्टानों का खतरा भी बना हुआ है। वर्ष 2020 में भंडेलीगाड में भूस्खलन के कारण धाम का पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ था। उस दौरान कई माह तक यात्रा को बंद रखना पड़ा था लेकिन उसकी स्थिति अभी तक ठीक नहीं हो पाई है।

सुरक्षात्मक कार्य नहीं होने से खतरा

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पैदल यात्रियों के लिए पुलिया का निर्माण तो किया गया लेकिन घोड़े-खच्चरों को अभी भी भंडेलीगाड में बोल्डरों और पानी के बीच आवाजाही करनी पड़ती है। जिससे यात्रियों के गिरने का भय बना रहता है। घोड़ा पड़ाव में पूरी व्यवस्था न होने से मजदूर और घोड़े-खच्चर पैदल मार्ग पर ही खड़े रहते हैं। जिससे वहां जाम की स्थिति बनी रहती है। अभी तक सुरक्षात्मक कार्य नहीं होने से यात्रियों को जान जोखिम में डालकर घाटों पर स्नान और पूजा करनी पड़ेगी। धाम में शौचालय क्षतिग्रस्त हैं, पैदल मार्ग पर भी शौचालयों व पानी की स्थिति नहीं सुधारी गई है। पैदल मार्ग पर सफाई की व्यवस्था नहीं की गई है।

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बृहस्पतिवार को यात्रा संबंधित सभी अधिकारियों के साथ धाम का निरीक्षण किया जाएगा। जहां पर कार्य शेष बचे हुए हैं। उन्हें यात्रा से पूर्व पूरा करवाया जाएगा। - बृजेश कुमार तिवारी, एसडीएम

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