वर्तमान में एलएनएल सेंसर आईआईटीएम पुणे में स्थापित है। डा. गौतम ने आईआईटीएम के वैज्ञानिक डा. एसडी पवार से गढ़वाल विवि में सेंसर स्थापित करवाने का अनुरोध किया था।
डा. पंवार ने इसे मंजूरी देते हुए विवि के भौतिकी विभाग को सेंसर भेज दिए हैं। डा. गौतम ने बताया कि उक्त सेंसर को डा. पंवार ने ही बनाया है। 21 अक्तूबर को सेंसर को स्वयं डा. पंवार चालू कराएंगे।
-बिजली ज्यादा चमकने और तूफान आने पर बारिश की तीव्रता कम हो जाती है। उत्तराखंड में कुछ जगह अच्छी बारिश होती है, कुछ जगह कम, इसलिए इन कारणों का अध्ययन जरुरी है।
- डा. आलोक सागर गौतम, सहायक प्रोफेसर, गढ़वाल विवि
-उत्तराखंड के लिए यह अध्ययन बहुत उपयोगी है। बिजली गिरने और आंधी-तूफान की बढ़ती घटनाओं को समझने में मदद मिलेगी। इससे होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा।
-डा. सुनील डी पवार, वैज्ञानिक आईआईटीएम पुणे
अभी तक उत्तराखंड में कोई एलएलएन सेंसर नहीं था। अगर गढ़वाल विवि में लगाया जा रहा है तो यह पहला सेंसर होगा।
-बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम