आईएसआईएस के कहर से रूस को बचाने के लिए रूस के यात्रियों का एक दल बदरीधाम में पूजा कराने पहुंचा है। रूस के 11 तीर्थयात्रियों के नाम से तीन दिनों से बदरीनाथ में बदरीविशाल की अभिषेक और महाअभिषेक पूजा हो रही है।
पूजा में तीर्थयात्रियों का प्रतिनिधित्व मास्को की मरीना एलक सांदर, जरिन मित्राविच और ब्लादिमीर बूमेन वियरा कर रहे हैं। अभी तक ये बदरीनाथ की छह महाभिषेक और चार अभिषेक पूजा करा चुके हैं।
इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंक से अपने देश को मुक्त कराने के लिए ये तीर्थयात्री बदरीनाथ की पूजा-अर्चना में लगे हुए हैं। सुबह साढे़ चार बजे की महाभिषेक पूजा से लेकर रात साढे़ आठ बजे की शयन आरती तक की सभी पूजा में ये विदेशी तीर्थयात्री धाम में मुख्य यजमान की भूमिका में हैं।
इंटरनेट पर पढ़कर आए बदरीधाम
तीर्थयात्री दिनभर बदरीनाथ परिसर में आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी स्थल के समीप बैठकर शांति पाठ कर रहे हैं। बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल का कहना है कि बदरीनाथ को भू-बैकुंठ कहा जाता है।
बदरीनाथ की आराधना करने से मन को शांति मिलती है और मनोकामना भी पूरी हो जाती है। एक विदेशी तीर्थयात्री ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट पर बदरीनाथ की महिमा के बारे में देखा, तो वे अपने देश की शांति के लिए सीधे धाम चले आए।
समिति को हुई हजारों की आमदनी
बदरीनाथ में महा अभिषेक पूजा 8101 और अभिषेक पूजा 6301 रुपये की है। इन तीर्थयात्रियों की ओर से कराई गई सभी पूजाओं से अभी तक बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को करीब 80 हजार रुपये की आमदनी हो गई है।