96 प्रतिशत बच्चों ने हाथ धोने के लिए साबुन का इस्तेमाल किया
केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2016 में कराए गए बेसलाइन प्रसार सर्वेक्षण के अनुसार राज्य के स्कूली बच्चों में कृमि संक्रमण के प्रसार की दर 67.97 प्रतिशत थी, जो घटकर अब 0.17 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश के 91.5 फीसदी घरों का सर्वे किया। इसमें 93.8 फीसदी परिवारों ने बताया कि उनके बच्चे शौच के लिए शौचालय का प्रयोग करते हैं।
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सर्वे में 96.1 प्रतिशत बच्चों ने शौच के बाद हाथ धोने की बात कही। इसमें 96 प्रतिशत बच्चों ने हाथ धोने के लिए साबुन का इस्तेमाल किया। इस साल राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान के तहत एक से 19 आयु वर्ग के 35 लाख बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाई गई। प्रदेश में अब दवा खिलाने के लक्ष्य को बढ़ाकर 38 लाख कर दिया गया है।