रोशनाबाद और रुड़की जेल में 33 मरीज
सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जिला कारागार रोशनाबाद में एचआईवी पॉजिटिव 33 मरीज हैं। इसमें से 20 लोग एआरटी से इलाज करवा रहे हैं। 13 मरीजों का इलाज शुरू होने वाला है। इनमें से उप जिला कारागार रुड़की में एचआईवी पॉजिटिव कुल 20 मरीज हैं। इनमें से 8 मरीज एआरटी (एंटी रेट्रो थेरेपी) इलाज करवा रहे हैं। शेष 12 मरीजों की एआरटी शुरू होने वाली है।
एक से दो माह में दिखाई देते हैं लक्षण
एचआईवी के लक्षण आमतौर पर वायरस के शरीर में पहुंचने के एक से दो महीने में नजर आने लगते हैं। ज्यादातर मामलों में इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। ये लक्षण आम वायरल फीवर और सर्दी-खांसी से काफी मिलते-जुलते हैं। यदि आपको लगता है कि असुरक्षित संबंध या किसी एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति के खून, सीमेन के आप संपर्क में आए हैं तो इन लक्षणों को हल्के में न लें।
ये हैं प्रमुख लक्षण
एचआईवी पीड़ित के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता गिरने से बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द या टीस उठना, स्किन रैश, सिरदर्द, गला खराब, उल्टी या बेचैनी होना, पेट खराब रहना, ज्यादा थकान महसूस होना, रात में सोते समय ज्यादा पसीना आना, वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
एड्स जागरूकता के लिए समय-समय पर कार्यक्रम किए जाते हैं। एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की जिला और महिला अस्पताल में काउंसिलिंग की जाती है। मरीजों के लिए रुड़की में एंटी रेट्रो थेरेपी सुविधा उपलब्ध है।
- डॉ. चंदन कुमार मिश्रा, कार्यवाहक सीएमएस जिला अस्पताल।
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एचआईवी पीड़ित गर्भवती का पहले और तीसरे महीने में परीक्षण कराया जाता है। एचआईवी और अन्य इंफेक्शन से जुड़े टेस्ट कराए जाते हैं। एचआईवी पीड़ित गर्भवती को डिलीवरी के समय एक हफ्ते पहले एडमिट किया जाता है। गर्भ में पल रहे बच्चा, पोषण के लिए मां पर ही निर्भर होता है। ऐसे में उसके संक्रमित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
- नम्रता मिश्रा, कांउसलर, जिला महिला अस्पताल, हरिद्वार।