देहरादून में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया फ्लाईओवरों और रेलवे अंडर ब्रिज का शिलान्यास हवाहवाई साबित हो रहा है। एक तरफ सरकार लोगों को सपने दिखा रही है तो दूसरी ओर बिल्डर उनके सपनों को पूरा करने से रोक रहे हैं।
औपचारिकताएं भी पूरी नहीं
राजधानी को जाम से निजात दिलाने की मंशा के साथ जिन चार फ्लाईओवरों और एक रेलवे अंडर ब्रिज का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया था, साढ़े सात माह बाद भी उनका काम शुरू नहीं हो सका है। आलम यह है कि इनकी अभी तक औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हुई हैं।
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मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मार्च 2013 में आईएसबीटी के पास पांचों योजनाओं का शिलान्यास किया था। तब उन्होंने एक माह में काम शुरू होने की बात कही थी। अब स्थिति यह है कि इनके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की जा सकी है।
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लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ सर्वे तक ही सीमित है। निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि आईएसबीटी फ्लाईओवर के लिए 24 अक्तूबर को टेंडर खोला जाएगा। अन्य योजनाओं के लिए 10 अक्तूबर को टेंडर खोला गया था, लेकिन अभी फाइनल नहीं किया गया है।
कहां है ईपीआई कंपनी
तीन फ्लाईओवर और एक आरयूबी का काम ईपीआई कंपनी को दिया गया है, लेकिन कंपनी शुरुआत से ही काम पर लापरवाह बनी हुई है। काम में देरी के संबंध में कंपनी का कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर, शासन और सरकार कंपनी के प्रति नरमी बरत रहे हैं।
तकनीकी कारणों से चार फ्लाईओवर और एक आरयूबी का टेंडर फाइनल नहीं हो पाया है। शासन की ओर से इसको लेकर लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। अब जल्द ही टेंडर फाइनल किया जाएगा।
- एचके उप्रेती, CE
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