रेसकोर्स स्थित ट्रांजिस्ट हॉस्टल सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत?
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘महिला उत्तरजन’ की ओर से ऑफिसर्स ट्रांजिट हास्टल में संगोष्ठी हुई। इसमें महिलाओं ने अपने विचार साझा किए। संगोष्ठी में शिक्षा, चिकित्सा, समाज सेवा समेत कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि शिल्पा भट्ट बहुगुणा ने कहा कि अपनी योग्यता और कुशल प्रबंधन के दम पर आज देश दुनिया में महिलाएं नई बुलंदियों को छू रही हैं। इसके बावजूद अभी महिलाओं के उत्थान के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। परिवार, समाज, देश, दुनिया का विकास तभी संभव है जब महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी का दर्जा मिले। संगोष्ठी में सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुपमा जोशी ने कहा कि उनके संघर्ष की सार्थकता तभी है जब सेना में महिलाएं सेनाध्यक्ष जैसे पदों पर आसीन हों।
विशिष्ट अतिथि डॉ. नूतन गैरोला ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ ही स्वरोजगार शुरू करने पर जोर दिया। संगोष्ठी में कर्नल रॉक्स स्कूल की प्रधानाचार्य इरा कुकरेती को शिक्षा, विंग कमांडर अनुपमा जोशी को महिला अधिकार, सुमन भट्ट को स्वरोजगार, सुनीता नेगी को कला, सुधा ममगाईं को महिला चेतना, नाजिया कौसर खान को समाज सेवा, मनोरमा नौटियाल को स्त्री गरिमा एवं अस्मिता की रक्षा व कनिका विजन को सम्मानित किया गया। संगोष्ठी में संस्था संरक्षक बुड़ानंद जखमोला, संयोजक वीना कंडारी, उमा सिसोदिया, टिकटाक स्टार भावना चुफाल आदि उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्चना डिमरी ने किया।