-प्रदेश में अब तक 68 हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन
-स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग, मार्केटिंग व वित्तीय प्रबंधन से कारोबार को मिलेगी मजबूती
-1.20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कारोबार में सुधार के लिए उद्यमिता के गुर सिखाए जाएंगे। समूह के माध्यम से विभिन्न स्थानीय उत्पाद बना रही महिलाओं को पैकेजिंग, मार्केटिंग के साथ वित्तीय प्रबंधन पर व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वर्तमान में प्रदेश में 68 हजार स्वयं सहायता समूह गठित हैं। ये समूह 7800 से अधिक ग्राम संगठनों व 569 कलस्टर स्तरीय संघों में संगठित है। प्रदेश में 1.63 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब तक सरकार ने 1.20 लाख और महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने अब उद्यमिता का प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार ने आईआईएम काशीपुर की फाउंडेशन फॉर इनोवेशन डेवलपमेंट के साथ अनुबंध किया है।
सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आजीविका को बढ़ावा दिया जा रहा है। समूह के माध्यम से कई तरह के स्थानीय उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड के माध्यम से उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाई जा रही है। महिलाओं में उद्यमिता विकास व कारोबार में सुधार लाने के लिए पहली बार महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए आईआईएम काशीपुर के माध्यम से चयनित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ वित्तीय सहायता में सहयोग किया जाएगा।