खदरासी में दो युवतियों ने एकजुटता दिखाते हुए हमला करने वाले बाघ को भगाकर एक दूसरे की जान बचाई।
बृहस्पतिवार को बाघ के हमले का सामना करने वाली दोनों युवतियों लक्ष्मी एवं अनीता के साहस को क्षेत्रवासी सलाम कर रहे हैं। क्षेत्र में उनके साहस की चर्चाएं आम हैं।
हिम्मत से लिया काम
सीएचसी नैनीडांडा में उपचार करवा रही युवतियों का कहना है कि एक बार तो बाघ को सामने देख उनके हाथपांव फूल गए, मगर अगले ही क्षण जिंदगी बचाने के लिए न जाने कहां से ऊर्जा आई।
दोनों ने हिम्मत दिखाई तो बाघ ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। संघर्ष में दोनों घायल जरूर हुए हैं, मगर उनका हौसला नहीं डिगा। उनकी बहादुरी के आगे बाघ ज्यादा देर तक नहीं टिक सका।
डंडे से मारकर भगा दिया
युवतियों ने बताया कि बाघ ने पहले लक्ष्मी पर हमला बोला। उसे बाघ के चंगुल में फंसा देख अनीता ने साहस जुटाते हुए पास से एक लकडी का डंडा उठाकर उसके सिर पर दे मारा।
इससे क्रोधित बाघ ने उसे छोड़कर अनीता पर हमला कर दिया। दोनों ने हिम्मत नहीं हारी तथा बाघ से जूझते रहे। हो हल्ला और शोर मचाने पर ग्रामीण सुखदेव सिंह मौके पर पहुंचे।
उनके पीछे अन्य लोग भी शोर मचाते हुए घटनास्थल की ओर दौड़े, तब जाकर बाघ ने जंगल का रुख किया।
बाघ ने कर दिया घायल
ग्रामीणों ने बताया कि युवतियों ने यदि हिम्मत से काम नहीं लिया होता तो उनकी जान खतरे में पड़ जाती। ग्रामीणों ने बताया कि हमलावर गुलदार नहीं बल्कि बाघ ही था।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नैनीडांडा में भर्ती दोनों साहसी युवतियों का हालचाल जानने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
खतरे से बाहर
समाजसेवी देवेंद्र भारती ने बताया कि उनके साथ क्षेत्र के लोग घायलों की देखरेख कर रहे हैं। उधर, अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. कमल रंजन का कहना है कि दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।
क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत ने घटना पर चिंता प्रकट करते हुए वन विभाग से घायलों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।