उत्तराखंड में रुड़की के मोहल्ला पठानपुरा में एक महिला ने समय से उपचार नहीं मिल पाने के कारण तड़पते-तड़पते दम तोड़ दिया। पहले तो करीब दो घंटे तक 108 एंबुलेंस नहीं आई।
किसी तरह निजी अस्पताल पहुंचाई गई तो डॉक्टरों ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद परिजन रुड़की में अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे। जब डॉक्टर मिला तो पता चला कि महिला की मौत हो चुकी थी। यह वाकया रविवार की रात मंगलौर के पठानपुरा निवासी कर्रार हुसैन उर्फ भोला की पत्नी सादाब जहरा (40 वर्ष) के साथ गुजरा।
रविवार देर रात करीब साढ़े सात बजे घर में कपड़ों पर प्रेस कर रही सादाब जहरा बानों के पेट में अचानक दर्द हुआ। उसकी तबियत बिगड़ती ही चली गई। उन्हें पास में ही एक डॉक्टर के पास ले जाया गया। प्राथमिक इलाज में डॉक्टर ने हालत गंभीर देखी तो उन्हें हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।
परिजनों का आरोप है कि इसके लिए वह 108 एंबुलेंस सेवा को फोन करते रहे, लेकिन दो घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। जब भी 108 को फोन किया तो कर्मचारी ने यही पूछते रहे कहां पहुंचना है कौन बीमार है।