उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गंगा की पूजा करने गई एक बुजुर्ग महिला पैर फिसलने से नदी के तेज बहाव में बह गई। आसपास मौजूद लोगों ने साहस कर महिला को नदी से बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
वहीं दूसरी ओर सोमवार को सांय तीन बजे नंदप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे नहाने गया एक युवक पैर फिसलने से नदी में बह गया है।
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महिला ने दम तोड़ा
सोमवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे जोशियाड़ा निवासी दशरथी देवी (81 वर्ष) पत्नी श्रीधर प्रसाद सेमवाल बैराज झील के जोशियाड़ा वाले छोर पर पूजा करने के लिए गई थी।
पैर फिसलने से वह नदी के तेज बहाव में बह गई। आसपास मौजूद लोगों ने साहस कर उसे बचाने का प्रयास किया और निकालकर किनारे ले आए। लेकिन तब तक महिला दम तोड़ चुकी थी। बाढ़ के बाद नदी तट असुरक्षित होने से यहां पूजा-अर्चना तथा स्नान करना जोखिम भरा बना है।
पैर फिसलने से नदी में बहा युवक
सोमवार को ही सांय तीन बजे नंदप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे नहाने गया एक युवक पैर फिसलने से नदी में बह गया है।
सुराग नहीं मिल पाया
पोखरी ब्लॉक के सेम-सांकरी गांव निवासी सतवीर सिंह (25) पुत्र दलवीर सिंह अपने एक दोस्त के साथ नंदप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे नहाने गया।
अचानक पांव फिसल जाने से वह नदी के तेज बहाव में बह गया। युवक के बह जाने पर वहां लोगों की भीड़ जुट गई। युवक के परिजनों ने इसकी सूचना नंदप्रयाग चौकी को दी। पुलिस ने भी नदी किनारे उसे ढूंढने की कोशिश की, लेकिन सतवीर का कोई सुराग नहीं मिल पाया।