महिला से छेड़छाड़ के आरोपों के चलते दो दिन से मुश्किल में चल रहे कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को बृहस्पतिवार को राहत मिल गई। हरक पर आरोप लगाने वाली युवती ने एक निजी चैनल पर आकर रावत पर से आरोप वापस लेने की बात कही।
मंत्री हरक के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराने वाली युवती ने बृहस्पतिवार को भी अपना बयान दर्ज नहीं कराया।
पुलिस कोबयान दर्ज होने की उम्मीद
दिल्ली पुलिस को उम्मीद है कि शुक्रवार को युवती सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराएगी। दिल्ली पुलिस युवती से सम्पर्क की बात भी कह रही है।
निजी चैनल पर दिए बयान में युवती आरोपों से पलटी
एक मीडिया चैनल पर युवती ने खुलासा किया है कि आवेश में आकर उसने मंत्री केखिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
चैनल पर दिए बयान में उसने कहा कि हरक सिंह ने उसे नौकरी दिलाने का वादा किया था। बाद में उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया।
युवती ने कहा कि हरक ने उसे बुरी तरह डांट दिया था जिसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो उठी और शिकायत दर्ज करा दी।
बयान दर्ज होने के बाद ही होगी आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती के बयान दर्ज होने के बाद ही आगे की तफ्तीश शुरू की जाएगी। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को युवती के कोर्ट में 164 के बयान कराए जा सकते हैं। सफदरजंग इन्क्लेव थाना पुलिस युवती से संपर्क बनाए हुए है।
पुलिस ने रावत से नहीं किया संपर्क
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक मंत्री रावत से पुलिस ने संपर्क नहीं किया है और न ही बयानों के लिए उन्हें बुलाया गया है।
हालांकि दिल्ली पुलिस में पूरे दिन चर्चा रही कि रावत या फिर उनके कुछ खास लोग कुछ सीनियर अधिकारियों से मिलने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। दूसरी ओर मुख्यमंत्री हरीश रावत अभी अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं।
मामले का अध्ययन करूंगा: हरीश रावत
हरक सिंह के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि ऐसे मामलों में सभी पक्षों पर विचार करना जरूरी है। उनका कहना है मैं गहराई से इस मामले का अध्ययन करुंगा उसके बाद ही कुछ कहूंगा। वहीं मंत्री के दिल्ली जाने पर बोले कि उन पर प्रतिबंद्घ नहीं है कोई भी जा सकता है।
रावत को मिली राहत
चार दिन बाद आए सीएम के बयान से मंत्री हरक सिंह रावत को कुछ राजनैतिक राहत मिलती दिख रही है। चूंकि कानूनी प्रक्रिया और मामले में कई पेंच सामने आ रहे हैं इसलिए सरकार तत्काल कोई फैसला नहीं ले रही है।
वहीं कुछ मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी हरक के बचाव में मुख्यमंत्री से बात की उसके बाद तय किया गया कि मंत्री को इस्तीफा दिला देने से राजनैतिक मैसेज उल्टा जाएगा। मंत्री को कानूनी रूप से दोषी पाए जाने पर ही कोई फैसला लिया जाए।