उत्तरकाशी के लौंथरू गांव में आयोजित मेले में जाते समय अंधरी गाड में बहने से एक महिला की मौत हो गई। करीब तीन घंटे बाद महिला का शव बरामद कर लिया गया। जिले में छह दिन के भीतर इसी तरह गदेरे में बहने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
गाड पार करते वक्त फिसला पैर
भटवाड़ी प्रखंड के लौंथरू गांव में बृहस्पतिवार को बाणेश्वर देवता का मेला होना था। लौंथरू गांव निवासी शिव प्रसाद कंसवाल और उनकी पत्नी चंद्रेश्वरी देवी मेले में शामिल होने के लिए नगाण तोक स्थित अपनी छानी से गांव की ओर आ रहे थे।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बगैर पुलिया के अंधरी गाड पार करते समय अचानक पैर फिसलने से चंद्रेश्वरी देवी गदेरे के तेज बहाव में बह गई। सूचना मिलते ही पूरा गांव मौके पर पहुंच गया, लेकिन महिला को नहीं बचाया जा सका।
छुट्टी पर आए जवान ने निकाला शव
करीब तीन घंटे बाद महिला का शव घटनास्थल से तीन सौ मीटर नीचे गदेरे के बीच पत्थरों में फंसा मिला। मेले में शामिल होने के लिए छुट्टी पर घर आए सेना के जवान दिनेश ने जोखिम उठाकर गदेरे के बीच से महिला का शव बाहर निकाला।
महिला की मौत के बाद गांव में शोक छा गया। मेले का आयोजन स्थगित कर दिया गया। जिले में छह दिन के भीतर गदेरे में बहने की यह तीसरी घटना है।
इससे पहले आठ अगस्त को गुंदियाटगांव में एक छात्र, 11 अगस्त को सिमलसारी में एक चार साल की बच्ची की भी गदेरे में बहने से मौत हो चुकी है।