फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड की इस महिला के मुरीद हुए मोदी

Fri, 24 Apr 2015 07:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की ग्राम पंचायत सतगढ़ को मानकों के मुताबिक समुचित संचालन करने पर राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदान करेंगे। पुरस्कार प्राप्त करने के लिए ग्राम प्रधान सावित्री कापड़ी दिल्ली रवाना हो गई हैं। जिले से यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली एकमात्र ग्राम प्रधान हैं।
विज्ञापन


पिथौरागढ़-धारचूला नेशनल हाईवे के किनारे स्थित सतगढ़ गांव की पहचान सब्जी और दुग्ध उत्पादन के लिए है। गांव में खेतीबाड़ी भी अच्छी होती है। इस बार राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी के स्तर से सभी ग्राम पंचायतों से प्रविष्टियां मांगी गईं।

प्रविष्टियों में किए गए दावों की बाद में जिला प्रशासन के स्तर से पुष्टि कराई गई। जिला प्रशासन ने रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी। वहां से केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के पास अंतिम फैसले के लिए यह प्रस्ताव जाता है। सावित्री कापड़ी पुरस्कार प्राप्त करने के लिए दिल्ली रवाना हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरे गांव और जिले के लिए सम्मान का विषय है।
विज्ञापन

विज्ञापन

पुरस्कार के लिए इन मानकों पर उतरना होता है खरा

जिला पंचायत राज अधिकारी बीएस दुग्ताल ने बताया कि राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार के लिए जो कुछ मापदंड तय किए गए हैं। यह देखा जाता है कि ग्राम पंचायत की बैठक नियमित होती है या नहीं, उसमें गांव के लोगों की भागीदारी कितनी होती है।

राष्ट्रीय कार्यक्रमों में ग्राम पंचायत की सहभागिता कितनी है, भ्रूण हत्या, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में गांव के लोगों की भागीदारी, विकास कार्यों का सही तरीके से संचालन, रिकार्ड का सही रखरखाव आदि। उन्होंने कहा कि सतगढ़ में यह सभी मानक पूरे मिले।

सावित्री चौथी बार बनीं ग्राम प्रधान
सावित्री कापड़ी लगातार चौथी बार सतगढ़ की प्रधान चुनी गई हैं। त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लागू होने के बाद किसी व्यक्ति को ऐसे मौके बहुत कम मिलते हैं कि वह लगातार प्रधान चुने जाने का मौका पा सके।

वह इस बार निर्विरोध प्रधान बनी हैं। सावित्री ने बताया कि गांव में शत-प्रतिशत शौचालय बने हैं। गांव में पेयजल की उचित व्यवस्था है। विकास के काम आम जनता की राय पर होते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें