रुद्रप्रयाग की उत्तरी जखोली रेंज की ग्राम पंचायत सेम कोटी में महिला पर हमला करना गुलदार को भारी पड़ा। महिला हिम्मत ना हारते हुए गुलदार से जा भिड़ी और गुलदार को ढेर कर दिया। घायल महिला को बेस अस्पताल श्रीनगर में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची।
जानकारी के मुताबिक सेम-कोटी गांव की कमला नेगी (56) पत्नी स्व. देव सिंह रविवार सुबह खेतों में सिंचाई के लिए कोटी गदेरे में गूल में पानी जोड़ने गई थी। करीब साढ़े नौ बजे झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया।
महिला ने भी हिम्मत नहीं हारी और गुलदार पर दरांती और कुदाल से हमला करना शुरू कर दिया। साथ ही मदद के लिए चिल्लाती भी रही। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौडे़। तब तक बुरी तरह घायल गुलदार पस्त होकर मरणासन्न स्थिति में जमीन पर लेट गया और वहीं ढेर हो गया।
ग्राम प्रधान जगदीश सिंह और त्रिवेंद्र रावत ने गुलदार का मुकाबला करने वाली महिला को वीरता के लिए सम्मानित करने की मांग की।
उप प्रभागीय वनाधिकारी सोहन लाल ने बताया कि विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। घटना के कारणों का पता किया जा रहा है।
एक घंटे तक गुलदार से लड़ीं, तोड़ दिए दांत
श्रीनगर। श्रीनगर के बेस अस्पताल में गंभीर अवस्था में भर्ती कमला देवी करीब आधे घंटे तक गुलदार से लड़ीं। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा में दरांती और कुदाल से उन्होंने गुलदार पर कई वार किए जिससे उसके दांत भी टूट गए।
गुलदार के हमले में कमला देवी के बाएं हाथ की हड्डी दो स्थानों पर बाहर निकल गई, जबकि दायां हाथ एक स्थान पर टूट गया। गंभीर रूप से घायल कमला देवी करीब एक किमी पैदल चलकर किसी प्रकार गांव के पास पहुंची, जहां से अन्य ग्रामीण कमला देवी को अगस्त्यमुनि लाए।
अगस्त्यमुनि में प्राथमिक उपचार के बाद कमला देवी को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉ. अब्दुल रॉफ ने कहा कि महिला की स्थिति गंभीर है। दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी हैं। सिर पर भी काफी घाव हैं।
सीटी स्कैन की रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। कमला देवी के साथ आए गोविंद सिंह ने कहा कि गुलदार की मौत की खबर ग्रामीणों ने उन्हें फोन पर दी।
घनसाली में सक्रिय नरभक्षी का खात्मा
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के गांवों में सक्रिय नरभक्षी गुलदार का खात्मा हो गया। वन विभाग का दावा है कि मारा गया गुलदार ही नरभक्षी था।
हिंदाव और ग्यारहगांव पट्टी के गांवों में पिछले एक माह से नरभक्षी गुलदार सक्रिय था। एक माह में गुलदार तीन अलग-अलग गांवों में तीन लोगों को शिकार बना चुका है। 14 अगस्त की रात को वन विभाग ने एक गुलदार मार गिराया था। उसके बाद भी क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है।
बीते दिन आली गांव की एक गर्भवती महिला को गुलदार ने निवाला बना लिया था। क्षेत्रवासियों के आक्रोश के बाद वन विभाग ने शूटर तैनात कर बीती शाम को गुलदार को मार गिराया था। उप प्रभागीय वनाधिकारी हेम शंकर मैंदोला ने बताया कि मारा गया गुलदार नरभक्षी था क्योंकि उसके नाखून टूटे हुए थे।
इधर, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने वन विभाग से क्षेत्र में फिलहाल वनकर्मियों के गश्ती दल को वहीं तैनात रखने को कहा है।