स्वास्थ्य सेवाओं की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। जिला मुख्यालय जैसी जगह पर भी रविवार को प्रसव पीड़ा के कारण अस्पताल आ रही महिला को बीच सड़क पर शिशु को जन्म देना पड़ा। यह तो गनीमत रही कि आसपास के लोगों ने मदद को हाथ बढ़ाए, नहीं स्थिति गंभीर हो सकती थी।
मामला धारानौला क्षेत्र का है। यहां से कुछ दूर गणेशीगैर में किराए पर रहने वाली सरोज रौतेला पत्नी पूरन रौतला को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों और भवन स्वामी ने 108 एंबुलेंस को फोन कर धारानौला पहुंचने को कहा।
इस दौरान गणेशीगैर से महिला परिजनों के साथ पैदल ही जिला अस्पताल की ओर आने लगी, लेकिन धारानौला मालरोड पर पहुंचते ही उसे तेज दर्द शुरू हो गया। महिला के परिजन और अन्य लोगों ने उसे सड़क पर ही बैठा दिया।
जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मदद को आगे आने लगे। मौके की नजाकत को देखते हुए युवा राजू जोशी तुरंत आशा कार्यकर्ता गोविंदी भट्ट के घर मदद मांगने पहुंचे। तब तक दर्द से कराहती महिला को महिला पर्यावरण मित्र और उनकी साथी महिलाओं ने मदद देनी शुरू कर दी।