- नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ने किया प्रवासी उत्तराखंडी अधिवक्ताओं से संवाद
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में प्रवासी उत्तराखंडी अधिवक्ताओं से संवाद करते हुए भविष्य के उत्तराखंड के लिए उनके सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि विधिक समुदाय के सहयोग से उत्तराखंड न्याय, विकास एवं सुशासन का मॉडल राज्य बनेगा।
सीएम धामी ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों और नीतिगत पहलों की जानकारी साझा की। समान नागरिक संहिता व सख्त नकलरोधी कानून के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक मूल्यों और जनसांख्यिकी के संरक्षण के लिए सरकार सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू कर चुकी है। ऑपरेशन कालनेमी के तहत अवैध गतिविधियों और लैंड जिहादियों पर कार्रवाई कर 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई। 300 अवैध मदरसे और 1000 से अधिक अवैध संरचनाएं हटाई गईं। नए कानून के तहत मदरसा बोर्ड समाप्त कर दिया गया है।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड ने 25 वर्षों की विकास यात्रा पूरी कर ली। अब राज्य के लिए अगले 25 वर्षों की दिशा निर्धारित करने का समय है। इस नए युग में उत्तराखंड की नीतियों और विकास रणनीतियों को और अधिक सुदृढ़, न्यायसंगत और जनहितकारी बनाने के लिए उन्होंने अधिवक्ताओं से सुझाव, मार्गदर्शन और अनुभव साझा करने का आग्रह किया। विश्वास जताया कि विधिक समुदाय के सहयोग से उत्तराखंड एक ऐसा मॉडल राज्य बनेगा, जो न्याय, विकास और सुशासन के क्षेत्र में देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। इस मौके पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज, उप महाधिवक्ता जतीन्द्र कुमार सेठी, दिल्ली बार काउंसिल सचिव विक्रम सिंह पंवार, भाजपा दिल्ली प्रदेश लीग सेल कन्वेनर नीरज गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता कुलदीप सिंह परिहार, अपर महाधिवक्ता राहुल वर्मा, सर्वोच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता सुनीता वर्मा आदि मौजूद रहे।