देहरादून में सर्दियों में सबसे अधिक खतरा डायबिटीज रोगियों के दिल पर मंडरा रहा है। डायबिटीज के रोगियों को साइलेंट हार्ट अटैक पड़ रहा है।
अधिकांश को सुबह पड़ा अटैक
तीन दिन के अंदर हार्ट अटैक के जो रोगी आए हैं इनमें अधिकांश को सुबह अटैक पड़ा है। इनमें 70 फीसदी रोगी डायबिटिक हैं। दून अस्पताल और कोरेनेशन (फोर्टिस) में पांच दिन के अंदर आठ रोगी ब्रॉट डेड लाए गए। इन्हें बिना एंजाइना के हार्ट अटैक पड़ा था।
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घर वालों के मुताबिक इनमें सीने के दर्द के अलावा हार्ट अटैक के बाकी लक्षण पाए गए थे। इन रोगियों को डायबिटीज भी थी। फोर्टिस के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा योगेंद्र सिंह ने बताया कि डायबिटीज के रोगियों में साइलेंट हार्ट अटैक पड़ता है। रोगियों को सुबह के वक्त अधिक दिक्कत हो जाती है। डायबिटिक हृदय रोगियों को ठंड में बहुत एहतियात बरतना चाहिए।
सुबह ही क्यों होती है दिक्कत
अधिकांश हृदय रोगियों को सुबह दिक्कत होती है। इसकी वजह है कि शरीर का सिम्पैथेटिक इस्टीमुलेशन न्यूनतम स्तर पर होता है। इस्टीमुलेशन का काम हृदय की धड़कन तेज करने का होता है।
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शरीर यह कार्य उस गति से नहीं कर पाता जिससे हार्ट बैठ जाता है। शरीर की मैटोबोलिज्म प्रक्रिया भी सुस्त रहती है जिससे हृदय की मांसपेशियां पिक अप नहीं ले पातीं।
डायबिटिक को इसलिए खतरा अधिक
हाई ब्लड शुगर की वजह से रोगियों के गुर्दों, फेफ ड़ों और लीवर में भी दिक्कत आने लगती है। यह हो सकता है कि इन अंगों की खराबी का कोई लक्षण न उभरा हो लेकिन अंगों में कमजोरी रहती है। जब हार्ट अटैक पड़ता है तो शरीर हृदय की रिकवरी के लिए जोर लगाता है। ऐसे में गुर्दों और दूसरे अंगों में कमजोरी के कारण अपेक्षित सपोर्ट न मिलने से रिकवरी नहीं हो पाती।
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