राष्ट्रीय विद्यालयी सब जूनियर वॉलीबाल प्रतियोगिता में मिली उपविजेता की ट्राफी पर शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी पीठ थपथपाते नहीं थक रहे हैं, लेकिन यह कामयाबी हासिल करने वाले होनहार खिलाड़ियों की उन्हें कोई कदर नहीं है।
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मंगलवार को हाथों में ट्राफी और गले में मेडल लिए खिलाड़ी ट्रेन से उतरे तो उनके चेहरों पर दमक रहा जीत का उत्साह काफूर हो गया।
खिलाड़ियों के सपने टूटे
खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि शाबाशी देने के लिए ‘सर’ उनका इंतजार कर रहे होंगे, लेकिन प्लेटफार्म पर उनकी अगवानी के लिए कोई मौजूद नहीं था।
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कुछ देर खिलाड़ी एक दूसरे का मुंह ताकते रहे और फिर निराश मन से घरों की ओर निकल पड़े। जो ट्राफी हवा में लहरा रही थी वह अब एक खिलाड़ी के हाथ में लटक रही थी।
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बीते दिनों मिनी नेशनल वॉलीबाल टूर्नामेंट में कांस्य पदक विजेता टीम का वॉलीबाल एसोसिएशन ने दून पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया था। यहां तक कि टीम को सम्मानित करने की भी बात कही गई थी।
इन्हें भी किसी ने नहीं पूछा
जम्मू में बीते सोमवार को फाइनल मैच में उपविजेता बनी उत्तराखंड की स्कूली टीम को भी जोरदार स्वागत की उम्मीद थी। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे टीम देहरादून पहुंची।
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उन्हें शाबाशी देने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी तो दूर कोई कर्मचारी तक मौजूद नहीं था। जबकि, शिक्षा निदेशालय और जिला शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अधिकारियों की फौज मौजूद थी।
खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन
सब जूनियर अंडर-14 राष्ट्रीय विद्यालयी वॉलीबाल प्रतियोगिता में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के खिलाड़ियों ने अपने खेल का जलवा बिखेरा है। प्रतियोगिता में उपविजेता बनी उत्तराखंड की टीम में स्पोर्ट्स कॉलेज के नौ खिलाड़ी शामिल थे।
सत्यम सिंह राणा को सर्वश्रेष्ठ सेटर और अरुण कुमार को सर्वश्रेष्ठ अटैकर का खिताब मिला। कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज शर्मा ने टीम को बधाई देने के साथ टीम में शामिल कॉलेज के खिलाड़ियों को सम्मानित करने की बात कही है।
टीम में विमल कुमार, गौतम कुमार, अनुराग चौधरी, निशांत लोहान, सतीश कुमार, अंकित कुमार, हरबीर सिंह भी शामिल थे।