नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि एफएल-2 के माध्यम से सरकार ने माफियाओं के साथ अंडरटेबल एग्रीमेंट किया है यह बात साबित हो गई है। क्योंकि आज प्रदेश में शराब की दुकानें खाली पड़ी है और तस्करी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में शराब तो मिल ही नहीं रही है इसके अलावा सरकारी खजाने को राजस्व नहीं मिलने से बड़ी चपत लग रही है। जनता की फिक्र नहीं करने वाली राज्य की कांग्रेस सरकार से नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफा मांगा है।
सीएम के निजी फायदे के लिए बदला नियम
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शराब माफियाओं ने प्रदेश में पूरे कारोबार को जकड़ लिया है। एफएल-2 लागू करने के लिए सरकार ने अनावश्यक रूप से पुरानी नीति को बदला और इसके लिए भारी मात्रा में लेन-देन हुआ है।
यह फैसला केवल मुख्यमंत्री के निजी फायदे के लिए किया गया। यही वजह है कि आज प्रदेश भर में शराब की दुकानों पर आपूर्ति नहीं हो रही है। बाजार में शराब उपलब्ध नहीं होने से तस्करी शुरू हो गई है। आपूर्ति नहीं है तो बिक्री भी नहीं है, इसलिए सरकार के राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है।
सरकार पर माफियाओं से साठगांठ का आरोप
राज्य की हरीश सरकार जनता की परवाह के बजाय शराब माफियाओं के पालन पोषण में लगी है। उन्होंने कहा कि रामनगर में एक खनन माफिया अफसरों पर हमले कर रहे हैं, भारी गर्मी शुरू हो गई लेकिन पीने के पानी की किल्लत मची है और पेयजल मंत्री अपनी यात्रा में मस्त है।