उत्तराखंड में नई आबकारी नीति गुरुवार से प्रभावी हो जाएगी, जिससे शराब के दामों में 15 से बीस फीसदी तक वृद्धि तय है।
बुधवार को सभी जनपदों में आबकारी विभाग 528 फुटकर दुकानों के लिए लाटरी निकालने की प्रक्रिया देर शाम तक चली। हालांकि इस वर्ष शराब की दुकानों के आवेदनों में गिरावट आई है। भले आबकारी नीति प्रभावी होने से शराब के दाम बढ़ जाएंगे लेकिन एफएल 2 (थोक विक्रेता) पर 30 अप्रैल के बाद सीएम के अधीन गठित मंत्रियों की उपसमिति के रिपोर्ट के बाद फैसला होगा।
आबकारी विभाग के लिए इस वर्ष सरकार ने 18 सौ करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है। नई आबकारी नीति गुरुवार से प्रभावी हो जाएगी। नई नीति के तहत देशी शराब के रेटों में 15 से 20 फीसदी तक वृद्धि होगी जबकि अंग्रेजी शराब के दामों में भी 15 से 20 फीसदी वृद्धि तय है।
अंग्रेजी शराब में प्रीमियम और डीलक्स ब्रांड में 20 फीसदी तक वृद्धि है जबकि मंहगी स्काच विहिस्की में यह वृद्धि अधिक हो सकती है। देशी शराब के दामों में वृद्धि हुई है, लेकिन उसकी बिक्री केवल सात जनपदों में होती है। पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में देशी शराब के ठेके नहीं है।
आबकारी आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि नई आबकारी नीति गुरुवार से प्रभावी होगी जिसके तहत बुधवार को सभी जनपदों पर 529 देशी और अंग्रेजी दुकानों की लाटरी निकाली गई है। अगर किसी दुकान का आवंटन लाटरी के माध्यम से नहीं हो पाता है तो उसके लिए विभाग ने दो दिन 16 और 17 अप्रैल सुरक्षित रखे हैं।
आवेदनों से 140 करोड़ की कमाई
अंग्रेजी शराब की दुकान के आवेदन में चार हजार रुपये के वृद्धि के बावजूद 528 दुकानों (देशी अंग्रेजी) के लिए 65529 आवेदन से 140 करोड़ की कमाई हुई है। देशी की 252 दुकानों के लिए 8763 आवेदन आए जबकि अंग्रेजी की 276 दुकानों के लिए 56766 आवेदन आए हैं।
बीते वर्ष 512 दुकानों के लिए 75900 आवेदन आए थे जिससे 135 करोड़ की कमाई विभाग को हुई थी। आवेदनों में हुई गिरावट का कारण बढ़ाई गई आवेदन फीस को माना जा रहा है।
एफएल 2 नीति एक मई से होगी प्रभावी
एफएल 2 पर सरकार ने 30 अप्रैल तक फैसला सुरक्षित रखा है। हालांकि इस बात पर मंत्रिमंडल में सहमति बन गई है कि केएमवीएन और जीएमवीएन को थोक शराब की बिक्री का जिम्मा सौंपा जाएगा। प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी को लेकर एफएल 2 पर मचे बवाल के बाद सीएम ने उसे इस माह के अंत तक सुरक्षित रखा है।