मंगरोली गांव की महिलाओं ने क्षेत्र में शराब पीने-पिलाने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है। तय किया गया कि कच्ची शराब बनाने और शराब पिए मिलने वाले व्यक्ति से अर्थदंड वसूला जाएगा।
समारोहों में बंद रहेगी शराब
रविवार को गांव में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। महिलाओं ने कहा कि समारोहों में शराब पीने-पिलाने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों की साफ-सफाई के लिए धनराशि मुहैया कराई जाती है, लेकिन यह राशि गांवों में नहीं लगाई जाती है।
आसपास के गांवों को जोड़ा जाएगा
विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। महिला मंगल दल अध्यक्ष सुशीला देवी ने कहा कि गांव में होने वाले सभी कार्यक्रमों में शराब पर पाबंदी रहेगी। इस मुहिम को अन्य गांवों तक पहुंचाने के लिए आस-पास के गांवों की महिलाओं को संगठित किया जाएगा।
जरूरत पड़ी तो शराब के विरोध में आंदोलन किया जाएगा। कहा गया कि जो व्यक्ति नंदप्रयाग स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के बाहर शराब पीते हुए या फिर आसपास के क्षेत्रों में शांति भंग करने की कोशिश करेगा, उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
ठिकानों को किया तहस-नहस
मंगरोली गांव की महिलाओं ने वर्ष 1980 में भी शराब बंदी आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। तब क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के ठिकानों को भी तहस-नहस किया गया था। अब महिलाएं एक बार फिर इसके खिलाफ मुखर होने लगी हैं। बैठक में यशोदा देवी, भुवनेश्वरी देवी, मथुरा देवी, दीपा, चीता देवी,सतेश्वरी देवी, अमृता रावत, कल्पेश्वरी देवी आदि मौजूद थे।