सोमवार से सात अप्रैल तक पर्वतीय जिलों में बारिश और ओले गिरने के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग देहरादून केंद्र की ओर से इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही संबंधित विभागों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इससे जंगलों की आग से राहत मिल सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुुताबिक सोमवार और मंगलवार को उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और देहरादून जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश, बर्फबारी और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
सात अप्रैल को उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि व आकाशीय बिजली चमकने का पूर्वानुमान है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि सात अप्रैल को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश और बर्फबारी से भूस्खलन की संभावना है।
प्रदेश में लगातार बढ़ रही जंगल की आग को देखते हुए अब वन विभाग के सभी अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने रविवार को हुई आपात बैठक में यह आदेश जारी किया। इस समय प्रदेश में 40 स्थानों पर जंगल धधक रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शासन, पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सभी जिलाधिकारियों के साथ वनाग्नि प्रबंधन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र में बने रहने को कहा।
साथ ही फायर वॉचर को 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं की जानकारी कंट्रोल रूम को तुरंत मिलनी चाहिए। रिस्पांस टाइम में कमी लाई जाए। वन पंचायतों सहित स्थानीय लोगों का सहयोग लिया जाए, लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाए कि बच्चे और बुजुर्ग आग बुझाने के लिए न जाएं। लोगों को जागरूक किया जाए।
24 घंटे में 69 हेक्टेयर जंगल को नुकसान
एक अक्तूबर 2020 से चार अप्रैल 2021 तक प्रदेश में कुल मिलाकर 1360 हेक्टेयर जंगल को आग के कारण नुकसान हो चुका है। इससे करीब 39.46 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कुल 22 पशु घायल हुए हैं और सात पशुओं की मौत हुई है।
अब पिछले 24 घंटे में ही आग के करीब 45 मामले सामने आए जिससे 69 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में आरक्षित वन क्षेत्र में 40 और सिविल/वन पंचायत क्षेत्र में आग के पांच मामले सामने आए हैं। इनमें से 26 मामले गढ़वाल मंडल और आठ मामले कुमाऊं मंडल के हैं। 11 मामले अन्य स्थानों से सामने आए।