कर्णप्रयाग में एंड गांव के जंगल में शनिवार को लगी आग पूरा जंगल जलने के बाद बुझ गई। आग से सैकड़ों पेड़ जल गए। इसके अलावा सिमली, आदिबदरी, नौटी, नंदासैंण, सिरोली, भटोली, गौचर, सिवाई, कालेश्वर, पोखरी, सिवाई आदि कस्बों के जंगलों में भी लगी आग से चारों ओर धुआं फैला है। जयदीप, हरीश, पुष्कर रावत, नरेश आदि ने कहा कि जंगलों में बार-बार आग लगने से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के स्रोत सूखने की कगार पर हैं।
रुद्रप्रयाग जनपद के तल्लानागपुर पट्टी के मदोला, स्यूंड, सतेराखाल के जंगल दो दिन वे वनाग्नि से धू-धूकर जल रहे हैं। आग से जहां लाखों की वन संपदा जलकर राख हो रही है। वहीं, वातावरण में धुंध का गुबार छाया हुआ है, जिस कारण उमस भरी गर्मी का प्रकोप बढ़ा हुआ है। शनिवार देर शाम से जंगलों में आग लगी है, जो तेजी से आगे बढ़ रही है।
एक माह के भीतर यहां दो बार आग लग चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अराजक तत्वों के द्वारा पुन: जंगलों में आग लगाई गई है। शुष्क मौसम के कारण जंगलों में लगी आज तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने वन विभाग से अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी तरफ जंगलों में लगी आग के कारण वातावरण में फैली धुंध से गर्मी का प्रकोप बना है।