चारधाम यात्रा में लगातार तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों की भीड़ के चलते यात्रा हांफने लगी थी। 12 जून को गंगा दशहरा पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त और पुलिस महानिदेशक ने यात्रा को कोटद्वार के रास्ते शुरू करने के निर्देश दिए थे। कोतवाली पुलिस ने कोटद्वार के रास्ते यात्रा शुरू होने पर तैयारियां शुरू कर दी। इसके तहत एनएच पर पहले से ही जाम की स्थिति को देखते हुए कौड़िया तिराहे से यात्रा मार्ग को डायवर्ट करने की व्यवस्था की गई थी।
नए रूट पर यात्रियों को दिक्कत न हो इसके लिए कौड़िया, देवी मंदिर, घराट और गिंवाई स्रोत में बकायदा केदारनाथ, बदरीनाथ यात्रा रूट के साइन बोर्ड भी लगाए गए, लेकिन रविवार को पुलिस की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गई। रविवार को सिद्धबली में जिला बिजनौर के साथ ही अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ ही अन्य वाहनों से पहुंचे।
इसके साथ ही रविवार का दिन होने के कारण दिल्ली समेत देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में यात्री वाहन भी कोटद्वार के रास्ते यात्रा पर निकले। लेकिन, पुलिस चारधाम यात्रा वाहनों को तय डायवर्ट रूट से ले जाने में असफल रही, जिससे सभी वाहन नगर से होते हुए ही गुजरे। करीब साढ़े ग्यारह बजे अव्यवस्थाओं के चलते एनएच पर तीन किमी. से लेकर मालवीय उद्यान तक लंबा जाम लगा रहा।
जाम के चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वाहनों को महज तीन किमी. दूरी करने में एक से डेढ़ घंटा लग गया। सूचना के बाद जाम खुलवाने के लिए थाने से अतिरिक्त फोर्स को भेजा गई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस करीब एक घंटे बाद एनएच पर जाम खोलने में सफल हुई।
रुड़की में वीकेंड पर रविवार को पुलिस की ओर से तैयार किया गया यातायात प्लान धड़ाम हो गया। मंगलौर से लंढौरा होते हुए वाहनों को डायवर्ट किया, इसके बावजूद हाईवे पर जाम लगता रहा। यही हाल नारसन बॉर्डर पर भी रहा, जहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस जाम से निपटने का प्रयास करती रही, लेकिन बार-बार लगने वाले जाम ने पुलिस के सारे प्लान को धराशायी कर दिया। जाम से देहात ही नहीं शहर में हालात खराब रहे। मुख्य चौराहों पर रुक रुककर जाम लगता रहा।
ऋषिकेश में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ के चलते मुख्य मार्गो पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से जगह जगह जाम की स्थिति पैदा हो गई। इतना ही नहीं मुख्य मार्गों पर हो रही समस्या से बचने के लिए लोगों ने गलियों का रुख किया और देखते देखते मुहल्ले भी जाम से बोझिल हो गए। दिन भर वाहन रेंगते नजर आए।