कुल अग्निकांड - 391
क्षति - 3.58 करोड़ रुपये
बचाई गई संपत्ति - 27.62 करोड़ रुपये
मृतक - एक व्यक्ति
बचाए गए - नौ व्यक्ति
इसलिए मनाया जाता है दिवस
आज ही के दिन वर्ष 1944 में मुंबई के बंदरगाह पर खड़े इंग्लैंड के फोर्ट स्ट्रिकेन नामक 9 हजार टन वाले जहाज में भीषण अग्निकांड हुआ था। इस दौरान हुए विस्फोट में 66 फायर सर्विस कर्मी शहीद हो गये थे। शहीद फायरमैनों और उसके बाद कर्तव्यों का पालन करते हुऐ दिवगंत फायर सर्विस अधिकारियों/कर्मचारियों की स्मृति में प्रति वर्ष 14 अप्रैल को समस्त राष्ट्र की अग्निशमन सेवाएं ‘अग्निशमन सेवा दिवस’ मनाती हैं।
कोटद्वार में रिखणीखाल ब्लाक के अंतर्गत बड़खेत मल्ला गांव में जंगल की आग पहुंचने से अफरा तफरी मच गई। आग से ग्रामीणों की गोशाला, बगीचे, जलौनी लकड़ी के ढेर और पशु चारा जल गया। ऐसे में ग्रामीण दिन का भोजन तक नहीं बना पाए। ग्रामीणों ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। देर शाम तक राहत और बचाव का कार्य जारी है।
ग्रामीण मनोज नेगी ने बताया कि बड़खेत मल्ला में तेज हवाएं चलने से जंगल की आग गांव तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने आग काबू करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक ग्रामीणों के बगीचे, लकड़ियों के ढेर, पशुचारा आग की भेंट चढ़ चुके थे। ग्रामीणों ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बताया कि आग से ग्रामीण मनवर सिंह, दिनेश चंद्र, श्यामलाल, विनोद कुमार के पेड़, चारे के ढेर (परसुल) जल गए। ग्रामीण विनोद कुमार की गोशाला भी जलकर राख हो गई। ग्रामीण मंजू देवी, दिनेश कुमार और देवेंद्र सिंह के जलौनी लकड़ी के ढेर, देवेंद्र नेगी, देवेंद्र पाल सिंह नेगी और ग्राम प्रधान राम रतन के आम, लीची, मौसमी और जड़ी बूटी के बगीचे जल गए।
टंकियों और घर में एकत्र पूरा पानी आग बुझाने में खर्च हो गया, जिससे घरों में खाना पकाने और पीने के लिए तक पानी नहीं रह गया है। रिखणीखाल के तहसीलदार राजेंद्र पंत ने बताया कि बड़खेत मल्ला के ग्रामीणों ने आग बुझा ली है। ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकर भेजे जा रहे हैं।