ऊर्जा क्षेत्र के तीनों निगमों के विद्युत संविदा कर्मी सोमवार से परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। उधर अनशन कर रहे लोगों की हालत बिगड़ने के बावजूद सरकार की उदासीनता से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
कई दिनों से बैठे धरने पर
विद्युत संविदा कर्मियों में कई आमरण अनशन पर भी बैठे हुए हैं। इनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। इससे संविदा कर्मियों में प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भाजपा की एक नेत्री भी बेटे के समर्थन में सोमवार को धरना स्थल पहुंची थीं।
सरकार का रवैया उदासीन
उन्होंने कहा कि एक मां के तौर पर इस धरने में शामिल हो रही हैं। उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष विनोद कवि ने बताया कि संविदा कर्मियों के प्रति सरकार उदासीन बनी हुई है। इसके चलते उन्हें आंदोलन जारी रखने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। कोई वार्ता के लिए तैयार नहीं है और आमरण अनशन पर बैठे कर्मचारियों की हालत लगातार खराब हो रही है।